राज्य
23-Feb-2026
...


नई दिल्ली (ईएमएस)। जेएनयूएसयू के जॉइंट सेक्रेटरी वैभव मीणा में बताया जेएनयू में वामपंथी गुटों की हड़ताल पिछले 7-8 दिनों से चल रही है। लेकिन जिस तरह का आतंक उन्होंने इस बार रात में फैलाया, वो बहुत ही निंदनीय है। पहले वे स्कूलों में गए और करीब 400 नकाबपोश लोगों की भीड़ ने छात्रों पर हमला कर दिया। दिल्ली के जवाहरलाल यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में एक बार फिर छात्र संगठनों के बीच हिंसक झड़प हो गई। जेएनयू में कल रविवार देर रात छात्रों के 2 गुटों की आपस में झड़प हो गई। कहा जा रहा है कि छात्र कैंपस के स्कूल एरिया में पढ़ाई कर रहे थे, तभी वाम दलों से जुड़े ग्रुप ने उन्हें घेर लिया और उन पर हमला किया। जबकि नाम दलों का कहना है कि हमला एबीवीपी की ओर से किया गया। छात्रों के अलग-अलग गुटों ने एक दूसरे पर मारपीट और पत्थरबाजी के भी आरोप लगा रहे हैं। हालांकि दिल्ली पुलिस को अभी तक मामले की शिकायत नहीं मिली और वह इस पूरी घटना को देख रही है। जेएनयू में कल रात हुई पथराव की घटना के बाद 12 से 14 छात्रों को सफदरजंग अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया गया है। छात्रों के अनुसार, यह घटना सोमवार सुबह करीब 1.30 बजे हुई, जहां छात्रों के बीच झगड़े के बाद कथित तौर पर पत्थरबाजी में कई छात्र घायल हो गए। जारी बयान के मुताबिक, जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी छात्र संगठन(जेएनयूएसयू) ने वाइस-चांसलर शांतिश्री धुलिपुडी पंडित के इस्तीफे और निष्कासन से जुड़े आदेश को रद्द करने की मांग को लेकर पूर्वी द्वार की तरफ “समता जुलूस” बुलाया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन ने प्रदर्शन को लेकर कुछ नहीं किया और इसकी जगह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के लोगों को उनसे लड़ने के लिए भेज दिया। हालांकि एबीवीपी ने संघर्ष शुरू करने के आरोपों को खारिज कर दिया और वाम दलों से जुड़े संगठनों पर झड़प भड़काने और घटना के बारे में गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ ईएमएस/23/फरवरी/2026