उन्हें धैर्य रखकर बल्लेबाजी करनी चाहिये मुम्बई (ईएमएस)। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कप्तान सुनील गावस्कर ने सुपर-8 के पहले ही मैच में खराब प्रदर्शन के लिए बल्लेबाज तिलक वर्मा पर निशाना साधा है। गावस्कर ने तिलक के खेलने के अंदाज पर भी सवाल उठाये। उन्होंने कहा कि दबाव के हालातों में उन्हें टिककर एक छोर संभाने रखना था पर उन्होंने ऐसा गावस्कर ने तिलक के रवैये के साथ ही उनके शॉट चयन को भी ठीक नहीं बताया। उन्होंने कहा कि जब तिलक क्रीज पर आए। उस समय कठिन हालात थे पर उन्होंने टिककर खेलने की जगह पर पहली ही गेंद से शॉट खेलने का प्रयास किया हो सही नहीं था। मार्को जेनसन की गेंद पर वह काफी बाहर निकलकर खेलने के प्रयास में अपना विकेट गंवा बैठे। गावस्कर ने कहा कि उस समय टीम को साझेदारी की जरूरत थी, न कि जल्दबाजी की। गावस्कर ने कहा कि शुरुआत में एक विकेट गिरने के बाद जो भी बल्लेबाज आता है उसे अपने को जमने का अवसर देना चाहिये। उन्होंने कहा, आप 15 रन प्रति ओवर का पीछा नहीं कर रहे थे। थोड़ा समय लेकर खेल सकते थे। दूसरे छोर पर अभिषेक शर्मा रन नहीं बना रहे थे इसलिए जिम्मेदारी तिलक पर थी कि वह पारी को संभालें। गावस्कर के मुताबिक पावरप्ले में 55/1 का स्कोर मजबूत आधार बन सकता था, लेकिन जल्दबाजी में विकेट गंवाने से टीम दबाव में आ गई। इस टूर्नामेंट में अब क तिलक का प्रदर्शन उम्मीद के अनुसार नहीं रहा है। वह पांच मैचों में उन्होंने 21.40 की औसत और 118.88 के स्ट्राइक रेट से 107 रन बना पाये हैं। हालांकि ग्रुप स्तर पर उन्होंने कुछ अच्छी पारियां खेलीं पर वे भी उनके खेले के अनुरुप नहीं रहीं जबकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उनका रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है। इस मैच से पहले उन्होंने अफ्रीकी टीम के खिलाफ 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 70.85 की औसत और 163.15 के स्ट्राइक रेट से 496 रन बनाए थे। इस पूर्व कप्तान के अनुसार इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम का शीर्ष क्रम अबतक संघर्ष करता दिखा है। ऐसे में नंबर तीन बल्लेबाज की भूमिका अहम होती है। साथ ही कहा कि टीम को बड़े मंच पर अनुभवी और जिम्मेदार बल्लेबाजी की जरूरत है। अब भारतीय टीम गावस्कर की इन बातों पर कितना अमल करती है ये आगे के मुकाबलों में सामने आयेगा। गिरजा/ईएमएस 24 फरवरी 2026