राष्ट्रीय
24-Feb-2026


-पति की मौत के बाद छोड़ दिया था घर, भटकती हुई पहुंची कोलकाता शेल्टर होम कोलकाता,(ईएमएस)। कोलकाता में एक शेल्टर होम में रहने वाली बुजुर्ग महिला को परिवार ने घर में रखने से इनकार कर दिया। इसकी वजह रिश्तों में कोई खटास या विवाद नहीं बल्कि मतांतरण है। जानकारी के मुताबिक महिला करीब दो दशक पहले अपने घर से लापता हो गई थी। इसके बाद वह भटकते हुए किसी तरह कोलकाता के एक शेल्टर होम पहुंच गई। आखिर में महिला सुशीला मुर्मू के घर का पता लगाया गया, जो झारखंड के गोड्डा जिले के एक गांव में था। महिला को जब घर ले जाया गया तो परिवार ने उसे घर में रखने से ही इनकार कर दिया। इसकी वजह बताई कि वह मतांतरित हो गई और उसने हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपना लिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गोड्डा जिले के दहुपनगर गांव में रहने वाले महिला के बेटे मदन बेसरा ने प्रस्ताव रखा कि यदि मेरी मां ईसाई धर्म छोड़कर हिंदू धर्म फिर से स्वीकार कर ले तो उसे रख सकते हैं। ऐसा करने से महिला ने इनकार कर दिया तो बेटे ने भी घर में जगह देने से इनकार कर दिया। महिला का बेटा मदन और उसका परिवार फिलहाल उसी घर में रहते हैं, जिसे छोड़कर उसकी मां चली गई थी। पति के निधन के बाद मां घर से निकल गई थी। करीब 70 साल की महिला ने बेटे की मांग को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि वह ईसाई ही बने रहना चाहती है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि महिला ने शादी से पहले ही ईसाई धर्म अपना लिया था। उसके पति के जीवित रहने तक उसके रहती थी, लेकिन उसकी मौत के बाद गांव के लोगों ने कहा था कि वह हिंदू धर्म अपना ले। यदि ऐसा नहीं करती है तो फिर उसे गांव से निकला दिया जाएगा। अंत में वह गांव से ही निकल गई थी। सुशीला मुर्मू का कहना है कि उसे याद ही नहीं है कि वह कोलकाता कैसे पहुंच गई। कोलकाता में सुशीला की मदद मिशनरी के लोगों ने की थी और उन्हें अपने एक शेल्टर होम में रखा था। कभी-कभी वह अपने पति को याद करती थी और अपने परिवार का जिक्र करती थी। इसी के चलते परिवार को तलाशने में मदद मिली। शेल्टर होम के एक कर्मचारी ने महिला की पूरी डिटेल एक रेडियो स्टेशन को दी। उसकी तस्वीर उन्होंने अपने पूरे ग्रुप में शेयर की। अंत में महिला के बेटे के बारे में पता चल गया। दोनों ने वीडियो कॉल पर बात की और एक-दूसरे को 25 साल बाद देखा। महिला का कहना है कि बेटे ने कहा कि यदि वह हिंदू बन जाए तो घर में रहने दिया जाएगा, लेकिन वह ईसाई धर्म नहीं छोड़ना चाहती। सिराज/ईएमएस 24फरवरी26