सोलर बिजली पर नियत प्रभार लगाना नाइंसाफी जबलपुर, (ईएमएस)। बिजली कंपनियों द्वारा विद्युत दरों में प्रस्तावित वृद्धि पर विद्युत नियामक आयोग द्वारा की जा रही जनसुनवाई के दौरान मंगलवार को आयोग की ऑनलाइन जनसुनवाई में मध्य प्रदेश के छोटे एवं मध्यम व्यापारियों की बेहतरी के लिए विद्युत कंपनियों द्वारा दरों में वृद्धि की याचिका का पुरजोर विरोध किया गया। उन्होंने सुझाव दिया कि गैर घरेलू उपभोक्ताओं (व्यापारियों/व्यवसाईयों/कार्यालय/छोटे शोरूम) के लिए 50 यूनिट के स्लैब को 100 यूनिट किया जाए, जिससे छोटे एवं मध्यम स्तर के व्यापारियों पर अनावश्यक महंगी विद्युत खरीदने का भार समाप्त हो सके। देश के अन्य प्रदेशों में लगने वाले यूनिट स्लैब के बारे में भी तथ्यात्मक एवं तुलनात्मक अध्ययन बताया गया। सोलर लगाने वाले सभी घरेलू एवं गैर घरेलू उपभोक्ताओं को प्रतिमाह आने वाले नियत प्रभार के असंगत आर्थिक बोझ का दृढ़ता से विरोध कर इसे अलग करने का युक्तियुक्त निर्णय लेने की मांग नियामक आयोग से की। सोलर लगाने वाले उपभोक्ता यदि 500 यूनिट उत्पादित करते हैं तथा 600 यूनिट उपयोग करते हैं तो विद्युत कंपनी संपूर्ण 600 यूनिट पर नियत प्रभार लगाती है जबकि उपभोक्ता द्वारा उत्पादित 500 यूनिट पर नियत प्रभार लगाना नाइंसाफी के साथ-साथ लूट की श्रेणी में आता है। विद्युत कंपनियों द्वारा अपनी नाकामियों एवं कमजोरी से उत्पन्न हुए लगभग 3500 करोड रुपए के घाटे को प्रदेश के ईमानदार उपभोक्ताओं पर जबरदस्ती लादने का तीखा विरोध किया गया तथा इसे आयोग से सिरे से खारिज करने की मांग की गई। नियामक आयोग से पूर्व की भांति जनसुनवाई संभाग स्तर पर भौतिक रूप से करने का भी आग्रह किया गया। सुनील साहू / मोनिका / 24 फरवरी 2026/ 04.03