राज्य
24-Feb-2026


थोक के भाव नोटिस बांट रहा विभाग, अब नहीं मिल पाएगा 20 फीसद अधिक राजस्व जबलपुर, (ईएमएस)। जिले में आबकारी विभाग का विवादित प्रबंधन 20 फीसद अधिक राजस्व कमा पाने में भी प्रदेश भर में फिसड्डी साबित होने की कगार पर आ गया हैं। जिले के अधिकांश ठेकेदारों ने ड्यूटी जमा ही नहीं की। जिसके बाद ठेकेदारों को थोक के भाव नोटिस बांटे गए लेकिन निर्धारित अवधि के उपरांत भी जिले के आबकारी ठेकेदार ड्यूटी जमा करने में असफल रहे। जिसके बाद कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किए जाने का सिलसिला भी शुरु हो गया हैं। इन्हें थमाए शो कॉज............ जिन ठेकेदारों ने निर्धारित अवधि के बावजूद ड्यूटी शुल्क जमा कराने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई उन्हें सोमवार से शो कॉज नोटिस थमाए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। सहायक आयुक्त आबकारी द्वारा सोमवार को व्हीकल मोड़ तिराहा समूह के ठेकेदार गगनदीप नैयर, पाटन समूह के घनश्याम साहू, बुढ़ागर समूह के संतोष कुमार जायसवाल और रसल चौक समूह के जेके एसोसिएट्स की पार्टनर श्रीमति सोनिया शर्मा को शो कॉज नोटिस जारी किया। नोटिस में कही ये बात.......... विभागीय सूत्रों के अनुसार विभाग द्वारा नोटिस वर्ष 2025-26 के लिए निष्पादित समूहों की निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी की राशि निर्धारित समय में जमा न करने के संबंध में जारी किया गया। जिसमें ई-आबकारी पोर्टल के होम पेज इन ठेकेदारों को 23 फरवरी को ही डिफाल्टर सूची में शामिल किए जाने की बात का उल्लेख हैं। नोटिस में कहा गया हैं कि जिले में अवस्थित कम्पोजिट मदिरा समूहों द्वारा वर्तमान में ई-आबकारी पोर्टल के माध्यम से चालान जमा किये जा रहे हैं। माह फरवरी 2026 के प्रथम पक्ष की सम्पूर्ण निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी की राशि निर्धारित समयावधि में जमा नहीं की गई है। इस कारण ई-आबकारी पोर्टल पर ठेकेदारों को डिफाल्टर दुकानों की सूची में शामिल किया गया है। नोटिस में ठेकेदारों से कहा जा रहा हैं कि वे 25 फरवरी तक अपने स्पष्टीकरण के साथ कार्यालय में उपस्थित हों। डिफाल्टर ठेकेदारों से कहा गया हैं कि निर्धारित समयावधि में न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी की राशि जमा न करने की दशा में क्यों न उन्हें प्रदत्त अनुज्ञप्ति निरस्त की जाए, निर्धारित समयावधि में उत्तर प्राप्त न होने की दशा में आबंटित समूह का लाइसेंस निरस्त कर उक्त समूह का पुनर्निष्पादन उनके उत्तरदायित्व में किया जाएगा। जिसमें शासकीय राजस्व में होने वाली हानि पर परिगणित खिसारे की राशि ठेकेदारों से मप्र. भू-राजस्व संहिता की बकाया की भांति वसूली योग्य होगी। अब नहीं मिलेगा एक रुपया............... विभागीय सूत्रों ने बताया कि समूहों के साथ ही अधिकांश ठेकेदारों ने अपने कर्मचारियों के नाम पर ठेके ले रखे हैं और दुकानें किराए की हैं। अगले माह नए ठेकों की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। सूत्रों की मानें तो अब ठेकेदारों से विभाग 1 रुपया भी वसूल पाने की स्थिति में नहीं हैं। डिफाल्टर घोषित किए जाने और शो कॉज थमाए जाने से ठेकेदारों को कोई विशेष फर्क नहीं पड़ रहा हैं। सुनील साहू / मोनिका / 24 फरवरी 2026/ 05.31