- दिलीप बिल्डकॉन कपंनी का था चैक - यूपी के मुजफ्फनगर से किया गया था क्लियरेंस का प्रयास भोपाल(ईएमएस)। राजधानी की जिला अदालत ने दिलीप बिल्डकॉन का फर्जी चेक बनाकर रकम निकालने का प्रयास करने वाले आरोपी को सुनवाई पूरी होने के बाद दोषी करार देते हुए सजा 3 साल के कठोर कारावास की सजा से दण्डित किये जाने का फैसला सुनाया है। संभागीय जनसंपर्क अधिकारी, भोपाल मनोज त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया कि अतुल सक्सेना 23वे अपर सत्र न्यायाधीश ने की कोर्ट ने फर्जी चेक बनाकर रकम निकालने वाले आरोपी शौकीन्द्र कुमार पिता धर्मपाल को दोषसिद्ध पाते हुये धारा 420, 511 3 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये के अर्थदण्ड एवं धारा 474 भादवि मे 3 वर्ष का सश्रम कारावास सहित 500 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किये जाने का फैसला सुनाया है। प्रकरण में शासन द्वारा की ओर से विशेष लोक अभियोजक एसटीएफ भोपाल आकिल खान द्वारा पैरवी की गई। - यह था मामला मनोज त्रिपाठी ने बताया की पुलिस थाना एसटीएफ भोपाल को दिलीप बिल्डकॉन के अध्यक्ष भारत द्वारा एक लिखित शिकायत की गई थी। जिसमें बताया गया था की कम्पनी द्वारा पूर्व मे जारी किये गये चेक नंबर 492400 की रकम 3000 थी, जिसे कम्पनी के कर्मचारी अंकुर कुमार को दिया गया। उस चैक की किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा क्लोनिंग कर 10 करोड की राशि का चैक तैयार कर देव कन्स्ट्रकशन के नाम से 27 फरवरी 2020 को केनरा बैंक जिला मुजफ्फनगर उत्तर प्रदेश मे आहरण हेतु लगाया गया। रकम काफी बड़ी होने पर चैक की जॉच क्लीरिंग शाखा के द्वारा की गई तब मालूम हुआ है कि उस नंबर का चैक पहले कैश कराया जा चुका है। जिस कारण बैंक द्वारा चैक का भुगतान रोक दिया गया एवं संबंधित बैंक की शाखा को सूचना दी गई। सूचना के आधार पर पुलिस थाना एसटीएफ ने धारा 420, 511, 474 के तहत मामला कायम कर जॉच की गई। विवेचना के बाद चालान कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने अभियोजन द्वारा पेश किये गये तर्क, साक्ष्य, दस्तावेजों से सहमत होते हुए आरोपी शौकीन्द्र कुमार को सजा से दण्डित किये जाने का फैसला सुनाया है। जुनेद / 24 फरवरी