राष्ट्रीय
24-Feb-2026


मुंबई (ईएमएस)। महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब पूर्व मुख्यमंत्री अजित पवार की कथित मौत और बारामती विमान हादसे को लेकर सवालों की झड़ी लग गई। घटना के 25 दिन बाद भी जांच को लेकर संदेह और अटकलें जारी हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मामले की पारदर्शी व व्यापक जांच की मांग तेज कर दी है। अजित पवार के भतीजे रोहित पहले ही हादसे को लेकर शंका जता चुके हैं। अब अकोला में एनसीपी एमएलसी अमोल रामकृष्ण मितकारी ने इस मामले को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या से जोड़कर बड़ा दावा किया है। उन्होंने जनसभा में कहा कि जिस तरह 1991 में लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम (एलटीटीई) ने राजीव गांधी की हत्या की साजिश रची थी, क्या उसी तरह की साजिश यहां भी हो सकती है? उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विमान के पायलट कैप्टन सुमित कपूर आत्मघाती हमलावर थे, और उनकी वास्तविक स्थिति क्या है? मितकरी ने कहा कि केवल तकनीकी जांच से सच्चाई सामने नहीं आएगी। ब्लैक बॉक्स डेटा जारी करने की बात कही जा रही है, लेकिन सीसीटीवी फुटेज अब तक सार्वजनिक नहीं किया है। उन्होंने मांग की कि संबंधित पायलटों और उनके मूवमेंट की फुटेज सामने लाई जाए, ताकि संदेह दूर हो सके। वहीं बारामती में एनसीपी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासनिक भवन के बाहर प्रदर्शन कर जांच में पारदर्शिता की मांग की। लोगों का कहना है कि देरी से न्याय पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमिश शाह से सीबीआई जांच की मांग की है। वहीं केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट 28 फरवरी या उससे पहले आ सकती है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। आशीष दुबे / 24 फरवरी 2026