मुंबई (ईएमएस)। एनसीपी शरद गुट के नेता और स्व.अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने अजीत दादा के विमान हादसे के मामले में एफआईआर दर्ज ना करने को लेकर गंभीर आरोप लगाए। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचे थे, लेकिन उनका दावा है कि मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने शिकायत दर्ज करने से इंकार किया। एनसीपी नेता पवार ने बताया कि पुलिस स्टेशन में कनिष्ठ अधिकारी और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मौजूद थे, जिनके पास एफआईआर दर्ज करने का अधिकार है। बातचीत के बाद अधिकारी लैपटॉप लेकर आए और एफआईआर प्रिंट करने की प्रक्रिया शुरू की। तभी अतिरिक्त डीसीपी स्तर के एक वरिष्ठ अधिकारी वहां पहुंचे और एफआईआर दर्ज करने से इंकार किया। रोहित पवार ने कहा कि नए कानून के तहत किसी भी संज्ञेय अपराध में एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य है और यह प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। पुलिस स्टेशन जाने से पहले उन्होंने कहा था कि प्रस्तावित एफआईआर कई पक्षों के खिलाफ है, जिसमें वीएसआर के सहयोगी,डीजीसीए के संबंधित अधिकारी, उड़ान को मंजूरी देने वाली कंपनी एरो तथा राज्य सरकार से जुड़े एरो समूह के अधिकारी शामिल हैं। एक पांचवीं एफआईआर में नाम गोपनीय रखने की बात कही गई है, क्योंकि कुछ लोग आपराधिक साजिश मान रहे हैं। रोहित पवार ने वीएसआर कंपनी और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू के बीच कथित संबंधों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वीएसआर के भाजपा नेताओं, विशेषकर बीजेपी से जुड़े लोगों के साथ करीबी संबंधों के कारण सीधे कार्रवाई नहीं की गई। आशीष दुबे / 25 फरवरी 2026