राष्ट्रीय
25-Feb-2026


आगर मालवा (ईएमएस)। आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बंगलामुखी मंदिर के पट तीन मार्च को चंद्रगृहण के प्रभाव के चलते बंद रहने वाले है। इस दिन मंदिर पहुंचकर श्रद्धालु परेशान न हों। इसके लिये मंदिर प्रबंधन से पूर्व सूचना जारी कर दी है। बताया है कि तीन मार्च 2026, मंगलवार को पड़ने वाले चन्द्रग्रहण के कारण मंदिर में दर्शन एवं धार्मिक अनुष्ठानों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। चन्द्रग्रहण का सुतक काल प्रातः 6.20 बजे से प्रारंभ होगा। सुतक काल प्रारंभ होते ही मंदिर में दर्शन, हवन-पूजन एवं अन्य अनुष्ठान पूर्णतः प्रतिबंधिति हो जाएगा। प्रातः 6.20 बजे से चन्द्रग्रहण की समाप्ति तक गर्भगृह में प्रवेश वर्जित रहेगा तथा इस अवधि में मंदिर के कपाट बंद रखे जाएंगे। चार मार्च को प्रातः 6.00 बजे मंगला आरती के पश्चात मंदिर के कपाट पुनः खोले जाएंगे तथा दर्शन, हवन-पूजन एवं अनुष्ठान प्रारंभ हो जाएंगे। मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन पूजन करने देशभर से श्रद्धालु आते हैं। यहां हर दिन हजारों दर्शनार्थी पहुंचते हैं और सैकड़ों श्रद्धालुओं द्वारा मनोकामना पूर्ति के लिए मंदिर परिसर स्थित यज्ञशाला में हवन किए जाते हैं। यहां होने वाले हवन पूजन का विशेष महत्व है। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि यहां होने वाले हवन पूजन आदि से कठिन से कठिन कार्य संभव हो जाते हैं। इसी के चलते यहां देशभर से वीआइपी अधिकारी, नेता, मंत्री, उद्योगपति और फिल्मी हस्तियां भी यहां आती हैं। मंदिर की स्थापना महाभारत काल में कौरवों पर विजय पाने के लिए भगवान कृष्ण के निर्देश पर पांडवों ने की थी। मान्यता यह भी है कि मूर्ति स्वयंभू है। वर्ष 1816 में इस मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ था। मंदिर के आसपास चारों दिशाओं में मुक्तिधाम व कई साधु-संतों की प्राचीन समाधियां भी हैं। बगलामुखी माता मूलतः तंत्र की देवी हैं, इसलिए यहां पर तांत्रिक अनुष्ठानों का महत्व अधिक है। यहां की मूर्ति स्वयंभू और जाग्रत है। मंदिर की स्थापना स्वयं धर्मराज युधिष्ठिर ने की थी। मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार सिंहमुखी है। मंदिर परिसर में 36 फीट ऊंची दीपमालिका भी है। मंदिर परिसर में सोलह खंभों का सभा मंडप है। नवरात्र में यहां पर हर दिन हजारों श्रद्धालु आते हैं। आशीष दुबे / 25 फरवरी 2026