राष्ट्रीय
25-Feb-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव होने वाले है। कांग्रेस ने कई राज्यों में सहयोगी दलों के साथ तालमेल बनाकर अपनी रणनीति बना ली है। तमिलनाडु में डीएमके के समर्थन से पवन खेड़ा का नाम आगे बढ़ाया गया है, जबकि बिहार और तेलंगाना में एक सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो गया है। इन चुनावों में महाराष्ट्र की 7, तमिलनाडु की 6, पश्चिम बंगाल और बिहार की 5-5, ओडिशा की 4, असम की 3, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की 2-2 तथा हिमाचल की 1 सीट पर मतदान होना है। विधानसभा की मौजूदा संख्या के आधार पर अलग-अलग राज्यों में अलग समीकरण बनाते दिख रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस ने डीएमके के साथ एक सीट पर अपने उम्मीदवार के तौर पर पवन खेड़ा का नाम आगे कर दिया है। कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की मुलाकात में इस पर सहमति बन गई है। मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर डीएमके चार सीटें जीत सकती है और एआईएडीएमके एक सीट हासिल कर सकती है, जबकि एक सीट पर मुकाबला संभव है। बिहार की पांच सीटों में एनडीए के पास 202 विधायक हैं, जिससे एनडीए चार सीटों पर जीत दर्ज कर सकता है। पांचवीं सीट के लिए अतिरिक्त समर्थन की जरूरत होगी। महागठबंधन के पास कुल 35 विधायक हैं और महागठबंधन को अन्य दलों का समर्थन जुटाना होगा। एआईएमआईएम के 5 विधायक और बसपा के 1 विधायक की भूमिका अहम हो जाती है। वहीं तेलंगाना में दो सीटों पर चुनाव होना है। एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों का समर्थन चाहिए है। कांग्रेस के पास 66 विधायक है और सीपीआई का एक विधायक समर्थन में है। बीआरएस के पास आधिकारिक तौर पर 37 विधायक है, जबकि भाजपा के 8 और एआईएमआईएम के 7 विधायक हैं। बीआरएस द्वारा उम्मीदवार उतारने से मुकाबला त्रिकोणीय हुआ है। कांग्रेस की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी का नाम फिर से चर्चा में आ गया है। हिमाचल प्रदेश की सीट के लिए कांग्रेस ने अभी उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। पार्टी संभावित नामों पर में आनंद शर्मा, प्रतिभा सिंह के नाम शामिल हैं। पिछली बार क्रॉस वोटिंग के कारण कांग्रेस उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा था। वहीं पश्चिम बंगाल की पांच सीटों में तृणमूल कांग्रेस चार सीटों पर दावा है, जबकि एक सीट पर मुकाबला संभव है। यह सीट फिलहाल वाम दल के पास है लेकिन इस बार विधानसभा चुनाव में वाम दलों की बुरी हार के बाद भाजपा इस पर बढ़त बना सकती है। ओडिशा की 4 सीटों में से बीजेपी 3 सीटों पर दावा कर रही है, जबकि बीजेडी एक सीट पर चुनाव लड़ेगी। असम की 3 सीटों में बीजेपी 2 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि एक सीट पर कांग्रेस और एआईयूडीएफ साथ मिलकर उम्मीदवार उतार सकते हैं। हरियाणा की 2 सीटों और छत्तीसगढ़ की दो सीटों पर भी कांग्रेस और बीजेपी के बीच मुकाबला तय माना जा रहा है। आशीष दुबे / 25 फरवरी 2026