राज्य
25-Feb-2026


देहरादून (ईएमएस)। बिन्दुखत्ता, बापूग्राम, पुछड़ी, बागजाला, बग्गा चैव्वन को राजस्व ग्राम का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर इण्डिया गठबंधन ने गांधी पार्क मे संपन्न हुए धरने की समाप्ति पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीष रावत ने राज्य सरकार को 30 अप्रैल तक का समय दिया और कहा कि यदि सरकार समाधान निलने मे असफल होती है तो एक मई मजदूर दिवस पर सीधी कार्यवाही करने का आन्दोलन तेज किया जायेगा। उन्होने कहा कि कांग्रेस सरकार के मंत्रीमण्ड़ल द्वारा 26 दिसम्बर 2016 को लिये गये निर्णय जिसे 26 दिसम्बर अधिसूचित किया गया, उसमें समाहित सभी 10 बिन्दुओं के लाभार्थियों को तत्कालिक मंत्रीमण्ड़ल की भावनानुरुप भूमिधरी अधिकार दिए जाने का निर्णय लिया गया था। मुख्यमंत्री ने इस सम्बन्ध मे कई बार जनता को गुमराह करने का प्रयास किया है अब कांग्रेस सहित तमाम इण्डिया गठबंधन के साथी सरकार को बाध्य करने के लिए एकजुट होकर संघर्ष को तेज करेंगे। वहीं समाजवादी पार्टी के नेता ड़ा. एस एन सचान ने कहा कि वे मानते है कि कल्याणकारी राज्य की स्थापना वंचित लोगों की रक्षा के गई है परन्तु राज्य सरकार पूंजी पतियों के हितों के लिए काम कर रही है। भाकपा के राष्ट्रीय परिषद के पूर्व सदस्य कामरेड़ समर भण्ड़ारी ने कहा कि सरकार कारपोरेट जगत के लिए तमाम भूमि बटोर कर उन्हे देना चाहती है। भाकपा माले के राज्य सचिव इन्द्रेश मैखूरी ने कहा कि बिन्दुखत्ता व बापू ग्राम मे अदालत आदेशों की गहत वयाख्या कर जनता को आतंकित कर उनकी भूमि हडपना चाह रही है। माकपा के राज्य सचिव मड़ल सदस्य सुरेन्द्र सजवाण ने कहा कि चाहे एलिवेटेड़ रोड़ के नाम पर मलिन बस्तियों को जबरन विस्थापित कर उन्हे भूमिहीन किया जा रहा है। ज्ञापन को इन्द्रेष मैखुरी ने पढ़कर सुनाया जिसमे कहा गया कि बिन्दुखत्ता, बापूग्राम, पुछड़ी, बागजाला, बग्गा चैव्वन सहित समस्त खत्तों, गोठों, गुलरानी टौंगिया, गावों सहित इन्दिराग्रामों, गांधीग्रामों व हरिग्रामों को राजस्व गांव का दर्जा दिया जाए। टिहरी ड़ैम विस्थापितों व वनों से विस्थापित वन गुज्जरों को आवंटित भूमि का मालिकाना हक प्रदान किया जाए। इस अवसर पर शामिल हुए। शैलेन्द्र नेगी/ईएमएस/25 फरवरी 2026