राज्य
25-Feb-2026


परासिया-चौरई विधायकों ने विधानसभा में उठाए प्रश्र पर कहा मंत्री ने छिंदवाड़ा (ईएमएस)। जिले के परासिया और चौरई क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन का मुद्दा फिर कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा में उठाया। विधायक सोहन बाल्मिक ने पैजनवाड़ा नदी, खैरीचैतू नदी, पिंण्डरई नदी, बिजौरीफुल्ला नदी, जाटाछापर पेंच नदी, सिंदरईगुरैयाथर नदी, कन्हान नदी ढाला, पलटवाड़ा नदी, फुटारा नदी, लोहांगी नदी में जो रेत की खदानें शासन द्वारा ठेकेदारों को आवंटित की गई है ठेकेदारों के द्वारा चिन्हित की गई रेत खदानों की बाहरी सीमा और नदी के अन्य अलग-अलग स्थानों से रेत का अवैध उत्खनन और अवैध रूप से परिवहन का सवाल उठाया। इस पर सीएम की तरफ से अधिकृत मंत्री चेतन्य काश्यप ने कहा कि ग्रेवलिया इंटरप्राईजेस प्राईवेट लिमिटेड को पूर्व से चिन्हित रेत खदान खैरीचेतु, बिजौरीफुल्ला, जाटाछापर, सिंदरईगुरैयाथर, फुटेरा नदी आवंटित की गई है। उपरोक्त आवंटित चिन्हित रेत खदानों की सीमा से बाहर ठेकेदार द्वारा अवैध खनन किये जाने संबंधी कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है। उन्होंने कहा कि परासिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अन्यत्र स्थानों पर विभिन्न उल्लघंनकर्ताओं के विरुद्ध 1 जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 तक अवैध रेत से संबंधित 30 प्रकरण पंजीबद्ध कर राशि रूपये 8 लाख 69 हजार 153 की राशि जमा कराई गई है। अवैध उत्खनन परिवहनचेक पोस्ट लगाये जाने के लिए संबंधित तहसीलदार, सहायक खनि अधिकारी एवं एमडीओ को लेख किया गया है। चौरई विधायक चौधरी सुजीत सिंह ने भी पिछले 3 वर्षों में अवैध खनन की बात उठाते हुए में चेक पोस्ट के बारे में सवाल किया। इस पर मंत्री ने कहा कि कि चौरई विधानसभा में प्रभावी कार्यवाही किये जाने से अवैध खनन के दर्ज मामलों में वृद्धि हुई है। क्षेत्र में अस्थायी चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं। विज्ञान केंद्र और आयरन रिूमूवल प्लांट का भी उठाया मुद्दा विधायक सोहन बाल्मिक ने खिरसाडोह में विज्ञान केन्द्र और पेंच क्षेत्र में दूषित पानी को लेकर आयरन रिमूवल प्लांट का मुद्दा उठाया। उन्होंने खिरसाडोह में विज्ञान केंद्र की स्थापना के लिए वर्ष 2019 में हुए निरीक्षण और जगह आवंटन के बाद भी साल साल में इनके निर्माण को लेकर कोई कार्यवाही न होने का सवाल किया। इस पर मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा विज्ञान केन्द्र की स्थापना के लिए 15.20 करोड़ की परियोजना स्वीकृति हेतु भारत सरकार को भेजी गई है। वेकोलि क्षेत्र मे बोर से निकल रहे एसीडिक-वाटर व आयरन युक्त पानी के पेच नदी में जाकर मिलने से प्रदूषित होने पानी के मु्द्दे पर मंत्री ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा बोरवेल के जल के नमूनों की जांच कराये जाने पर आयरन की मात्रा पीने के पानी के मानक अनुसार निर्धारित सीमा में पाई गई है। परासिया में दूषित पानी से बीमार कोई भी मरीज अस्पताल में नहीं आया है। प्लांट के लिए डीपीआर तैयार किया जाकर जनवरी में ही शासकीय जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज को प्रेषित किया गया है। ईएमएस/ मोहने/ 25 फरवरी 2026