राज्य
26-Feb-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली खादी बोर्ड ने दिल्ली खादी कौशल विकास योजना शुरू की है, जिससे 16,000 कारीगरों को लाभ होगा। उन्हें आधुनिक तकनीक, डिजाइन और मार्केटिंग की ट्रेनिंग मिलेगी। दिल्ली खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ने राजधानी के कारीगरों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। बोर्ड की बैठक में दिल्ली खादी कौशल विकास योजना को लागू करने का प्रस्ताव पास कर दिया गया है। इस योजना का उद्देश्य दिल्ली में काम कर रहे हजारों खादी कारीगरों और उनके परिवारों को सम्मान, स्थायी आमदनी और दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा देना है। बोर्ड के अध्यक्ष मंजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि इस योजना से दिल्ली के 16 हजार से अधिक कारीगरों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह योजना सिर्फ रोजगार देने तक सीमित नहीं है बल्कि इससे करीब 16 हजार परिवारों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आएगा। योजना के तहत कारीगरों को आधुनिक तकनीक, डिजाइन, पैकेजिंग और मार्केटिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे अपने उत्पादों को बाजार में बेहतर तरीके से बेच सकें और उन्हें उचित दाम मिल सके। बढ़ती प्रतिस्पर्धा के इस दौर में कारीगरों को नई जानकारी और कौशल से जोड़ना जरूरी हो गया है। इस योजना की एक खास बात यह है कि प्रशिक्षण पूरा करने वाले हर कारीगर को एक ई-कैटलॉग दिया जाएगा। यह ई-कैटलॉग उनके उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर दिखाने में मदद करेगा, जिससे दिल्ली के कारीगर सीधे ग्राहकों और व्यापारियों से जुड़ सकेंगे। बताया जा रहा है कि देश के किसी भी राज्य के खादी बोर्ड में इस तरह की पहल पहली बार की जा रही है। खादी और ग्रामोद्योग महात्मा गांधी के आत्मनिर्भर भारत के विचार से जुड़ा हुआ है। खादी न केवल रोजगार का साधन है बल्कि यह देश की पहचान और परंपरा भी है। ऐसे में दिल्ली खादी बोर्ड की यह नई योजना खादी क्षेत्र को नई ताकत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/26/फरवरी/2026