राज्य
26-Feb-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। अदालत ने राज्यसभा के लिए सी सदानंद मास्टर के नामांकन के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करते हुए सवाल उठाया कि किसी व्यक्ति के विशेष ज्ञान का आकलन करने के लिए कोर्ट के पास क्या मानदंड हैं। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता सी सदानंद मास्टर को राज्यसभा के लिए नामित किए जाने के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) फाइल की गई। इसपर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अहम सवाल उठाए। अदालत ने पूछा कि आखिर किसी व्यक्ति के पास विशेष ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव है या नहीं, इसे तय करने के लिए कोर्ट के पास कौन-सा स्पष्ट और न्यायिक मानदंड मौजूद है? चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने कहा कि याचिका दायर करना गलत नहीं है, लेकिन किसी की योग्यता का आकलन करना अदालत के लिए आसान या व्यावहारिक मुद्दा नहीं है। कोर्ट ने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे यह तय करना कि सचिन तेंदुलकर बेहतर खिलाड़ी थे या विनोद कांबली, यह काम क्रिकेट विशेषज्ञों का है अदालत का नहीं। दरअसल, राष्ट्रपति द्वारा पिछले साल 12 जुलाई को सी सदानंदन मास्टर को राज्यसभा के लिए नामित किया गया था। उनके साथ वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम, पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला और इतिहासकार डॉ मीनाक्षी जैन को भी नामांकन मिला था। याचिकाकर्ता वकील सुभाष थीक्कादन ने अदालत में दावा किया कि मास्टर के पास संविधान के अनुच्छेद 80(3) के तहत जरूरी माने गए साहित्य, विज्ञान, कला या सामाजिक सेवा के क्षेत्र में कोई राष्ट्रीय स्तर की विशेष उपलब्धि या अनुभव सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं देता। उनका कहना था कि केवल राजनीतिक गतिविधि या पार्टी से जुड़ाव को सामाजिक सेवा नहीं माना जा सकता। केंद्र सरकार की ओर से वकील ने कहा कि ऐसे मामलों को परखने के लिए कोई तय न्यायिक मानक मौजूद नहीं हैं और सामाजिक सेवा शब्द का राजनीति से भी सीधा संबंध हो सकता है। याचिका में यह भी कहा गया है कि राज्यसभा के नामांकन की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और इसके लिए कोई स्पष्ट प्रणाली या जांच व्यवस्था सार्वजनिक नहीं है। इससे राजनीतिक आधार पर नामांकन होने की आशंका पैदा होती है जो लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर सकती है। सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने कहा कि वह तय करेगा कि मामले में नोटिस जारी किया जाए या नहीं। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/26/फरवरी/2026