संयुक्त जांच समिति की मांग पर हंगामा, दो बार कार्यवाही स्थगित भोपाल,(ईएमएस)। मध्य प्रदेश विधानसभा में आज गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान जमकर हंगामा हुआ। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने कहा कि सिंगरौली जिले की धरौली कोयला खदान मामले में उचित मुआवजा दिए बगैर सरकार ने खदान चालू करवा दी। अडानी की इस खदान से जो लोग प्रभावित हुए हैं वो दर-दर की ठोकरें खा रहे है। और सरकार ने पुलिस अफसरों को मुआवजा बांट दिया। इसके लिए विधानसभा की संयुक्त समिति से जांच होना चाहिए। बजट सत्र में विपक्ष की इस मांग पर सरकार ने सटीक जवाब नहीं दिया तो विपक्षी सदस्यों ने आसंदी के सामने आकर नारेबाजी की। बढ़ते हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को दो बार सदन की कार्यवाही स्थगित करना पड़ी। दरअसल गुरुवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सिंगरौली जिले की धरौली कोयला खदान का मामला उठाते हुए कहा कि सरकार ने वादा किया था भूमि अधिग्रहण के प्रभावितों को 50-50 लाख का मुआवजा देंगे। लेकिन हकीकत यह है कि वहां सिर्फ दो से लाख ढाई की ही राशि बतौर मुआवजा दी गई है। कुल आठ गांव प्रभावित हुए थे जिसमें में सरकार ने मात्र 5 गांवों के ग्रामीणों को ही मुआवजा दिया है। और तो और इससे ज्यादा अंधेर क्या होगा कि वहां कुछ थाना प्रभारी स्तर के पुलिस अफसरों को मुआवजा दे दिया गया। और आदिवासी समाज के लोग वंचित रह गए। इस पर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने जबाव देते हुए कहा कि इस मामले की जांच करवा लेंगे और समाधान कर लेंगे। इस पर सिंघार ने कहा कि मंत्री प्रहलाद पटेल के नेतृत्व के एक विधानसभा की संयुक्त समिति बनाकर उससे जांच करा लें। इस पर सरकार तैयार होती नहीं दिखी तो कांग्रेस के सदस्यों ने हंगामा शुरु कर दिया। विधायक सचिन यादव, रजनीश सिंह, जयवर्धन सिंह सहित कई सदस्य आसंदी के सामने आ गए और नारेबाजी करने लगे। बढ़ते शोर शराबे के बीच विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने 10 मिनिट के लिए सदन की कार्यवाही स्थिगित कर दी। इसके बाद दूसरी बाद सदन की कार्यवाही शुरु हुई तो तब भी विपक्षी दल कांग्रेस नारेबाजी करता रहा। स्पीकर तोमर ने उन्हे शांत होने और अपनी अपनी सीट पर बैठ जाने को कहा। इस पर कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि अध्यक्ष महोदय, ये सदन आपके निर्देश पर ही चलता है आप कह रहे हैं कि बैठ जाओ तो बैठ जाएंगे आप कहेंगे खड़े हो जाओ तो खड़े हो जाएंगे लेकिन सरकार स्थिति को स्पष्ट क्यों नहीं कर रही है। आपके मंत्री के ही नेतृत्व हम लोग जांच कराना चाहते हैं क्या सरकार को अपने मंत्री पर भरोसा नहीं है। यदि है तो जांच कराने में कौन सी दिक्कत है। इस पर अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हमे प्रभारी मंत्री की बात सुनना चाहिए वो भी कुछ कहना चाहतीं हैं। इस पर मंत्री संपतिया उइके ने कहा कि मैं उस जगह पर दो बार गई हूं वहां 33000 पेड़ काटे गए हैं, कुछ मिट्टी हटाई गई है, अभी खदान चालू नहीं हुई है। इस पर कांग्रेस के सदस्य भड़क गए उन्होंने कहा इसका मतलब है खदान चालू हो गई यही तो खदान का शुरुआती काम होता है। अब संशय कहां कि खदान चालू नहीं हुई है। थाना प्रभारी को 15,94,990 का मुआवजा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कोल ब्लॉक के लिए 8 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है और कलेक्टर की सूची के अनुसार 12,998 परिवार प्रभावित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावित आदिवासी परिवारों को पूरा मुआवजा नहीं मिला है। लेकिन थाना प्रभारी जितेंद्र भदौरिया की पत्नी को 15,94,990 रुपए और यातायात प्रभारी दीपेंद्र सिंह कुशवाह की पत्नी स्वाति सिंह के नाम पर 14,42,482 रुपए मुआवजा दिया गया। उन्होंने इस मामले की विधानसभा समिति से जांच कराने की मांग की। खदान वाले क्षेत्र को छावनी बना दिया तभी नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि हम लोग वहां जाना चाहते थे लेकिन जैसे ही खबर लगी की कांग्रेस के कुछ विधायक खदान देखने जा रहे हैं वहां 4 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए। पूरे क्षेत्र को छावनी बना दिया गया। मंत्रीजी पेड़ काटने की बात कह रहीं हैं उन पेड़ों को छत्तीसगढ भेजा जा रहा है। ये मप्र के के साथ अन्याय है। इस पर कांग्रेस विधायकों ने फिर हंगामा शुरु कर दिया और अडानी की सरकार नहीं चलेगी के नारे लगाने लगे। इस बीच अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर सदस्यों के शांत करते रहे और नियमों का हवाला देते रहे लेकिन उनकी किसी ने एक नहीं सुनी। भारी शोर शराबे को देखते हुए अध्यक्ष ने 12 बजे तक के लिए विधानसभा की कार्यवाही स्थिगित कर दी। वीरेंद्र/ईएमएस/26फरवरी2026 -----------------------------------