राष्ट्रीय
27-Feb-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। भारत में चंद्र ग्रहण का बेहद अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा। 3 मार्च को लगने वाला साल 2026 का यह पहला चंद्र ग्रहण है, लेकिन इस खगोलीय घटना का होलिका दहन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। होली 2 मार्च, सोमवार को मनाई जाएगी। 3 मार्च को होने वाला यह ग्रहण खगोलविदों और आकाश प्रेमियों के लिए एक रोमांचक मौका होगा। चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा, हालांकि इसका दृश्य चरण केवल अंतिम 20 मिनट तक सीमित रहेगा। भारत में जब चंद्रोदय होगा, तब तक ग्रहण अपने समापन की ओर बढ़ चुका होगा। फिर भी देश भर के खगोलप्रेमी इस ब्लड मून को कैमरे और डीएसएलआर में कैद कर सकेंगे। वैज्ञानिकों के अनुसार पृथ्वी की छाया दोपहर में ही चंद्रमा को ढकना शुरू कर देगी, लेकिन भारत में यह प्रभाव शाम के समय नज़र आएगा। यह ग्रहण भारतीय समयानुसार 3 मार्च को दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 47 मिनट तक चलेगा। इसकी कुल अवधि 3 घंटे 27 मिनट रहेगी, लेकिन भारत में ग्रहण केवल 20 मिनट के लिए ही देखा जा सकेगा। चंद्रोदय शाम 6 बजकर 26 मिनट पर होगा, जबकि अधिकतम ग्रहण का समय 6 बजकर 33 मिनट से 6 बजकर 40 मिनट के बीच रहेगा। ग्रहण ठीक 6 बजकर 47 मिनट पर समाप्त हो जाएगा। जब पृथ्वी सूरज और चंद्रमा के बीच आकर चंद्रमा की सतह पर छाया डालती है, तब चंद्र ग्रहण होता है। यह खगोलीय संयोग ना केवल देखने में अद्भुत होता है, बल्कि ज्योतिष और धार्मिक दृष्टि से भी इसका विशेष महत्व माना जाता है। इस बार होली के पर्व पर ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि ग्रहण एक दिन बाद लग रहा है। 4 मार्च को रंगों वाली होली खेली जाएगी। ग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में लगने वाला है, इसलिए इस राशि के लोगों को स्वास्थ्य, मन और भावनाओं के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। सबसे खास बात यह है कि इस बार चंद्र ग्रहण ब्लड मून के रूप में दिखाई देगा। जब चंद्रमा पृथ्वी की छाया में पूरी तरह ढक जाता है तो वह गहरे लाल रंग का नजर आता है, जिसे ब्लड मून कहा जाता है। इस खूबसूरत नजारे को देखने के लिए साफ आसमान और कम रोशनी वाला स्थान चुनना बेहतर रहेगा। ब्लड मून देखने के लिए किसी विशेष चश्मे की आवश्यकता नहीं है, इसे नंगी आंखों से भी सुरक्षित रूप से देखा जा सकता है। सुदामा/ईएमएस 27 फरवरी 2026