27-Feb-2026


इन्दौर (ईएमएस) भोपाल स्थित समपतियों को पंजाब नेशनल बैंक शाखा सियागंज इंदौर में को-लेटरल के रूप में बंधक रखवाकर लगभग तीन करोड़ रुपए की कैश क्रेडिट लिमिट प्राप्त कर धोखाधड़ी करने की सम्पत्ति मालिक द्वारा दर्ज शिकायत पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने राहुल दुबे, संगीता दुबे, प्रताप नारायण दुबे, अतुल दुबे, भुवनेश्वर पांडे एवं स्वाति शुक्ला सभी निवासी भोपाल सहित अन्य व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है। इन्होंने सुनियोजित षड्यंत्र रचकर इस धोखाधड़ी को सोची समझी साज़िश के तहत अंजाम दिया। ईओडब्ल्यू ने दीपक भावसार निवासी भोपाल की शिकायत पर प्रकरण दर्ज किया गया। ईओडब्ल्यू के अनुसार आरोपियों ने 14 मार्च 2017 को एक कंपनी का पंजीयन कराया, जिसमें शिकायतकर्ता को डायरेक्टर बनाया गया। कंपनी का संचालन मुख्य रूप से आरोपी प्रताप नारायण दुबे एवं भुवनेश्वर पाण्डे द्वारा किया जा रहा था। आरोपियों ने शिकायतकर्ता की भोपाल स्थित तीन संपत्तियाँ एक फ्लैट, एक दुकान एवं ग्राम मेण्डोरी स्थित भूमि को पंजाब नेशनल बैंक, शाखा सियागंज, इंदौर में को-लेटरल सिक्योरिटी के रूप में बंधक रखकर कंपनी के नाम से तीन करोड़ रुपए की कैश क्रेडिट लिमिट स्वीकृत कराई गई। यह केवल व्यावसायिक प्रयोजन हेतु अस्थाई व्यवस्था की गई थी तथा फ़रियादी को बताया गया था कि उन्हें नियमित लाभ एवं वेतन प्रदान किया जाएगा। इसी क्रम में दिनांक 27 मई 2017 को एक एम.ओ.यू. भी निष्पादित किया गया। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं किया गया। शिकायत पश्चात ईओडब्ल्यू ने विस्तृत जांच में पाया कि आरोपियों ने पूर्व नियोजित योजना के तहत कंपनी स्थापित कर शिकायतकर्ता को विश्वास में लिया, उसकी संपत्तियाँ गिरवी रखवाई, ऋण राशि का दुरुपयोग किया तथा कुछ दस्तावेजों में हस्ताक्षर की कूटरचना कर जाली अभिलेखों का उपयोग किया। यही नहीं आरोपियों ने उक्त राशि का दुरुपयोग निजी एवं पारिवारिक कंपनियों में स्थानांतरित कर किया है। उपरोक्त तथ्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। आनंद पुरोहित/ 27 फरवरी 2026