क्षेत्रीय
27-Feb-2026
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- दो दिवसीय मेले में फूलो से बनी हर्बल गुलाल के विक्रय के लिए लगाये स्टॉल श्योपुर ( ईएमएस ) | कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा आज श्रीरामतलाई हनुमान जी मंदिर परिसर में आयोजित दो दिवसीय होली उत्सव मेले का फीता काटकर शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर डीपीएम एनआरएलएम श्री सोहनकृष्ण मुदगल सहित स्वसहायता की दीदीयां मौजूद रही। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने होली से पूर्व आम नागरिकों को प्राकृतिक रंग उपलब्ध कराने के लिए समूह की दीदीयों के इस सकारात्मक प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि एनआरएलएम अंतर्गत संचालित स्वसहायता समूह से जुडी दीदीयां न केवल आर्थिक रूप से आगे बढने का कार्य कर रही है, बल्कि अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन भी कर रही है। फूलो से होम मेड हर्बल गुलाल बनाने का कार्य सराहनीय है, यह गुलाल स्वास्थ्य के लिए किसी भी प्रकार से हानिकारक नही होते है। हमारे देश में फूलो से रंग बनाने की प्राचीन परम्परा रही है, वर्तमान परिवेश में रसायन मुक्त प्राकृतिक रंग बनाने की पहल हमारी परम्पराओं और संस्कृति को सहेजने का कार्य कर रही है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत समूहों की दीदीयों द्वारा पलास, गुलाब, गेंदा, बोगनविलिया आदि के फूलों से हर्बल गुलाल तैयार किया गया है। आम नागरिकों को होली से पूर्व प्राकृतिक रंग उपलब्ध कराने के लिए 27 एवं 28 फरवरी को श्रीरामतलाई हनुमान मंदिर परिसर में दो दिवसीय आजीविका होली मेले का आयोजन किया गया है। यह मेला प्रातः 10 बजे से सांय 07 बजे तक संचालित रहेगा। एनआरएलएम अंतर्गत संचालित स्वसहायता समूह की दीदीयों द्वारा फूलों से तैयार हर्बल गुलाल प्राकृतिक रंग है, जो पूरी तरह ईको फ्रेंडली है, इनके इस्तेमाल से त्वचा को किसी भी प्रकार का नुकसान नही पहुंचता है और न ही श्वास लेने में कठिनाई होती है, स्वास्थ्य की दृष्टि से उत्तम यह जैविक रंग पूरी तरह शुद्ध है। वोकल फॉर लोकल को बढावा देने के उद्देश्य के साथ समूहों को बाजार उपलब्ध कराने होली पूर्व दो दिवसीय आजीविका मेले का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें नागरिकगण रीजनेबल दामों पर हर्बल गुलाल खरीद सकते है। यह रंग पर्यावरण की दृष्टि से पूरी तरह सुरक्षित है तथा गुलाल लगाने के दौरान शरीर पर किसी प्रकार का विपरित प्रभाव नही डालते है। समूह की दीदीयों द्वारा फूलो के माध्यम से विभिन्न प्रकार के रंग तैयार किये गये है, यह हर्बल गुलाल आजीविका मेले में 50 एवं 100 ग्राम के पैक में उपलब्ध है। इसके साथ ही अन्य आजीविका उत्पाद जैसे हार्पिक, हैंडवाश, अगरबत्ती, शहद, जडीबुटियों, टेडीवीयर, होली की पूजन सामग्री तथा गौकाष्ट से निर्मित दिये के भी विक्रय स्टॉल लगाये गये है। होली उत्सव मेले में जिंद बाबा स्वसहायता समूह छीताखेडली, श्रीराम स्वसहायता समूह ननावद, मॉ संतोषी स्वसहायता समूह, गणेश स्वसहायता समूह बरगवा, विनेगा स्वसहायता समूह कराहल, ताज स्वसहायता समूह कुंहाजापुर, स्वामी जी स्वसहायता समूह किशोरपुरा, ठाकुर बाबा स्वसहायता समूह फतेहपुर अपने निर्मित उत्पादों के साथ सहभागिता कर रहे है।