क्षेत्रीय
27-Feb-2026
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- विभागीय समन्वय से समस्त योजनाओं के लक्ष्य मार्च अंत तक पूर्ण करने के निर्देश मुरैना ( ईएमएस ) | कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) की समीक्षा बैठक गत दिवस कलेक्ट्रेट सभागार, मुरैना में आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय कार्यक्रमों एवं योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पदमेश उपाध्याय, जिला कार्यक्रम अधिकारी ओ.पी. पाण्डे, सिविल सर्जन डॉ. गजेन्द्र सिंह तोमर, समस्त सीबीएमओ, बीपीएम, सीडीपीओ तथा मैदानी स्वास्थ्य अमला उपस्थित रहा। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने अनमोल पोर्टल की प्रगति का अवलोकन करते हुए पाया कि प्रथम तिमाही पंजीयन, चार एएनसी, गर्भवती महिलाओं का पंजीयन, मध्यम एवं गंभीर एनीमिया की पहचान तथा हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं के रजिस्ट्रेशन में उपलब्धि लक्ष्य के अनुरूप नहीं है। इस पर उन्होंने निर्देशित किया कि उक्त सभी बिंदुओं पर विशेष अभियान चलाकर 31 मार्च तक शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही सीबीएमओ को अपने-अपने ब्लॉकों में नियमित समीक्षा एवं प्रभावी मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कार्यों में शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। शहरी क्षेत्रों में एचबीएनसी डाटा कम पाए जाने पर आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं के समन्वय से लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित करने हेतु एपीएम को निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा कि जहां मानव संसाधन की कमी है, वहां टीम वर्क के माध्यम से कार्यों का निष्पादन किया जाए। जौरा स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) को शीघ्र नई भवन में संचालित करने के निर्देश भी दिए गए। क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी ब्लॉकों में न्यूनतम 90 प्रतिशत स्क्रीनिंग तथा 40 प्रतिशत से अधिक एक्स-रे स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निक्षय मित्र अभियान को सुदृढ़ बनाने हेतु जनप्रतिनिधियों—सरपंच, सचिव, जिला पंचायत एवं जनपद सदस्य, विधायक तथा अन्य सामाजिक प्रतिनिधियों—को जोड़कर क्षय रोगियों को फूड बास्केट वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय-सीमा में योजनाओं के लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।