क्षेत्रीय
27-Feb-2026
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गुना (ईएमएस)। जिले में मोबाइल टावरों को निशाना बनाने वाला एक बेहद शातिर और बेखौफ गिरोह सक्रिय है, जिसने बजरंगगढ़ थाना क्षेत्र में चोरी की एक ऐसी वारदात को अंजाम दिया है जिसने पुलिस को भी उलझन में डाल दिया है। एटीसी कंपनी के एक टावर से अज्ञात चोरों ने एक ही रात में पूरा बैटरी बैंक साफ कर दिया। हैरत की बात यह है कि चोरों ने न तो ताले तोड़े और न ही बाउंड्री गेट को कोई नुकसान पहुंचाया, फिर भी 72 कीमती बैटरियां गायब कर दी गईं। चौकीदार पास ही सोता रहा, चोरों ने कर दिया खेल घटना के समय टावर की सुरक्षा के लिए तैनात चौकीदार हेमू रागी वहीं पास में सो रहा था। उसने बताया कि उसे आधी रात में किसी भी आहट की भनक तक नहीं लगी। सुबह जब देखा गया तो पूरा का पूरा बैटरी बैंक खाली पड़ा था। तकनीक और सुरक्षा के बड़े-बड़े दावों के बीच यह चोरी जिला मुख्यालय के करीब हुई पांचवीं बड़ी वारदात है। इससे पहले मधुसूदनगढ़ के बड़ा आमला, सकतपुर और खटकिया जैसे क्षेत्रों में भी टावरों से 24-24 बैटरियां चोरी हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस अब तक किसी भी ठोस सुराग तक नहीं पहुंच पाई है। लोडिंग वाहन का हुआ इस्तेमाल, तकनीकी विशेषज्ञ भी हैरान टावर टेक्नीशियन वीरेंद्र नामदेव के अनुसार, चोरी गई एक-एक बैटरी का वजन लगभग 35 किलो के आसपास होता है। 72 बैटरियों का कुल वजन दो टन से भी अधिक होता है, जिसे केवल हाथों से ले जाना नामुमकिन है। निश्चित तौर पर चोरों ने इस काम के लिए किसी बड़े चार पहिया या लोडिंग वाहन का इस्तेमाल किया है। बिना ताला तोड़े और बिना किसी तोड़-फोड़ के इतनी भारी मात्रा में माल पार करना किसी संगठित गिरोह की ओर इशारा कर रहा है, जिसे शायद टावर की तकनीकी बारीकियों और तालों की चाबियों की पहले से जानकारी थी। थाना प्रभारी को इनसाइडर जॉब का संदेह बजरंगगढ़ थाना प्रभारी कृपाल सिंह परिहार ने इस पूरे मामले को काफी संदिग्ध बताया है। उनके अनुसार यह कोई साधारण चोरी नहीं है। बिना तोड़-फोड़ के इतनी सफाई से काम करना किसी जानकार या अंदरूनी व्यक्ति की मिलीभगत की ओर संकेत करता है। पुलिस अब टावर के पुराने कर्मचारियों, चाबियों के वितरण और आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है। सवाल यह भी है कि जब जिले में लगातार ऐसी घटनाएं हो रही हैं, तो पुलिस की गश्त और खुफिया तंत्र अब तक इन बैटरी चोरों के नेटवर्क को क्यों नहीं भेद पाया? सीताराम नाटानी