* फ्लेवर्ड गुलाल बच्चों की खुशियां करेगा दोगुनी * महिला स्व-सहायता समूह ने कंपनी बनाकर हर्बल कलर बनाने शुरु किया कार्य कोरबा (ईएमएस) बदलते वक्त के साथ अब होली त्यौहार भी अपना स्वरूप बदलता जा रहा है। होली में अब केमिकल रंगों की जगह हर्बल कलर ने ले ली है। लोगों ने अब बदलते जमाने के साथ खुद को बदलने का फैसला किया है। इसके लिए हर कोई अब होली सुरक्षित तरीके से मनाना चाहता है। मध्यमवर्गीय परिवार के लोग भी ऐसे रंगों से होली खेलना चाहते हैं, जिनसे किसी तरह का कोई नुकसान न हो। इसी सोच को साकार करने का बीड़ा कोरबा जिले की महिला स्व-सहायता समूहों ने उठाया है। जानकारी के अनुसार कोरबा जिले के वनांचल क्षेत्र पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड की महिला समूह ने हर्बल कलर का उत्पादन शुरु किया है। महिला समूह ने इसके लिए कंपनी बनाई है, जिसका नाम बुका महिला फार्मा प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड रखा गया है। इस कंपनी के माध्यम से महिलाएं 10 से 20 टन गुलाल तैयार कर रही हैं। कंपनी में लगभग 10000 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। जबकि कुछ महिला शेयर होल्डर हैं, अन्य समूह के महिलाएं भी समिति से जुड़कर गुलाल का निर्माण कर रही हैं. महिलाएं हर्बल कलर तैयार करने के लिए सब्जी और फलों का इस्तेमाल कर रही हैं। महिला समूह ने बच्चों के लिए गुलाल में फ्लेवर भी ऐड किए हैं। जिससे यदि गुलाल गलती से बच्चों के मुंह में चला जाए तो उनका स्वास्थ्य ना बिगड़े। पूर्व में अलग-अलग महिला समूह गुलाल का निर्माण करते थे। इस बार संगठित तौर पर कंपनी के जरिए गुलाल का निर्माण हो रहा है। कोरबा जिले के पांचों विकासखंड से आर्डर मिले हैं। ढाई टन ऑर्डर की आपूर्ति की जा चुकी है। जबकि कई टन ऑर्डर की आपूर्ति करने का काम बचा है। होली के पहले इसे पूरा कर लिया जाएगा। एक ही स्थान पर संगठित तौर पर गुलाल का निर्माण करने से अधिक गुलाल का निर्माण हो रहा है। ठोस मार्केटिंग स्ट्रैटेजिक के जरिए गुलाल मार्केट में भी आसानी से सुलभ हो रहा है। महिलाओं के इस हर्बल गुलाल को खासा पसंद किया जा रहा है। 28 फरवरी / मित्तल