केंद्रीय मंत्री चौहान ने सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने लोगों से की अपील नई दिल्ली,(ईएमएस)। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल को अस्पताल पहुंचाकर उसकी मदद की जाए तो जान बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि अकसर लोग सड़क दुर्घटना के समय मोबाइल से वीडियो बनाते हैं और तमाशबीन बने रहते हैं, लेकिन एक मदद किसी की जान बचा सकती है। उन्होंने कहा कि किसी का जीवन बचाना सबसे बड़ा पुण्य है। सेवा ही सच्चा धर्म है और परोपकार ही हमारा कर्तव्य है। जब भी ऐसी स्थिति सामने आए तो आगे बढ़िए और मदद कीजिए। उन्होंने कहा कि अकसर लोग मदद करने से डर जाते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि कानूनी झंझट का सामना करना पड़ेगा, लेकिन ऐसा नहीं है। अब तो सरकार भी लोगों को प्रोत्साहित करती है कि वे सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करें। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए चौहान ने कहा कि मैं भोपाल से ग्वालियर एक कार्यक्रम में जा रहा था। रास्ते में सड़क किनारे एक घायल युवक अचेत अवस्था में पड़ा था। चारों ओर भीड़ थी। लोग खड़े थे, देख रहे थे, पर कोई मदद के लिए आगे नहीं बढ़ रहा था। मैंने तुरंत गाड़ी रुकवाई, घायल युवक के पास पहुंचा और अपनी गाड़ी से उसे अस्पताल ले गया। साथ ही डॉक्टर से बातचीत कर समुचित उपचार की व्यवस्था की। हमने अक्सर देखा है कि इस तरह की घटनाओं में हम मदद के लिए हाथ बढ़ाने की बजाय तमाशबीन बनकर देखते रहते हैं, जिससे कीमती समय व्यर्थ हो जाता है और घायल व्यक्ति का जीवन खतरे में पड़ जाता है। एक अध्ययन के मुताबिक हर साल करीब डेढ़ लाख से ज्यादा लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि घायल को ‘गोल्डन ऑवर’ में उपचार मिल जाए, तो करीब 50 फीसदी जीवन बचाए जा सकते हैं। चौहान ने कहा कि सोचिए, हमारी छोटी सी मदद और समय पर बढ़ाया गया एक हाथ कितनी माताओं की गोद सूनी होने से बचा सकता है, कितने बच्चों के सिर से पिता का साया हटने से रोक सकता है और कितनी बहनों के विश्वास को टूटने से बचा सकता है। सिराज/ईएमएस 28फरवरी26 -----------------------------------