राज्य
28-Feb-2026
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- नियुक्ति आदेश जल्द जारी होने की संभावना भोपाल (ईएमएस)। राज्य सरकार ने परम्परा तोड़कर वन विभाग में शीर्ष स्तर पर बड़ा प्रशासनिक बदलाव करने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में 1991 बैच के भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारी एवं वर्तमान वन्य प्राणी प्रमुख शुभ रंजन सेन को प्रदेश का नया वन बल प्रमुख (हॉफ) बनाया जाना लगभग तय माना जा रहा है। बस उनके नाम की औपचारिक घोषणा शीघ्र होने की संभावना है। वन विभाग के स्थापना काल के बाद पहली बार 91 बैच के आईएफएस सेन को हॉफ बनाने के लिए दो वरिष्ठ पीसीसीएफ अधिकारियों 1989 बैच के एच यू खान और 1990 बैच के विभाष कुमार ठाकुर को सुपरसीट किया जा रहा है। सूत्रों की माने तो दिल्ली की पॉवरफुल एक लॉबी विशेष के दबाव में सेन को हॉफ बनाया जा रहा है। वरिष्ठता क्रम में सबसे टॉप पर होने और 37 साल की सेवा देने के बावजूद भी मप्र के अशोक नगर मूल के एचयू खान को वन बल प्रमुख न बनाए जाने फील्ड स्टॉफ में असंतोष है। विभागीय हलकों में इसे एक महत्वपूर्ण और असाधारण निर्णय माना जा रहा है, जिसके दूरगामी प्रशासनिक प्रभाव पड़ सकते हैं। - विभाष ठाकुर की पदस्थापना पर भी संशय बताया जा रहा है कि 1990 बैच के पीसीसीएफ विभाष ठाकुर की वर्तमान पदस्थापना में भी बदलाव किया जा सकता है। वे वर्तमान में पीसीसीएफ अनुसंधान एवं विस्तार में पदस्थ हैं।अगर सेन को हॉफ बनाया जाता है तो विभाष ठाकुर को पीसीसीएफ अनुसंधान एवं विस्तार पद से हटाना पड़ेगा। यानि वरिष्ठता के कारण उन्हें लघु वनोपज संघ या वन विकास निगम में प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने की संभावना है। विभाग में ये दोनों ही पद प्रतिनियुक्ति के हैं। - सेन के बाद वन्य प्राणी मुखिया कौन राजौरा या अन्नागिरी सेन के वन बल प्रमुख बनने से पहले ही पीसीसीएफ वन्य प्राणी की खोज शुरू हो गई। इस पद के लिए 1992 बैच की आईएफएस एवं लघु वनोपज संघ की प्रबंध संचालक समिता राजौरा प्रबल दावेदार हैं किन्तु 1995 बैच के पीसीसीएफ एचआरडी बीएस अन्नागिरी ने भी दावेदारी की है। यानि यहां भी तीन बैच के अधिकारियों को सुपरशीट करने की कोशिश तेज हो गई है। राजौरा को लेकर यह तर्क दिया जा रहा है कि वह फेडरेसन से आना नहीं चाहतीं हैं। जबकि लंबे समय से उनकी ख्वाहिश रही है कि वह वाइल्ड लाइफ विंग में काम करें। ईएमएस/28/02/26