उम्मीदवार खड़ा करने को लेकर आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने बुलाई अहम बैठक पटना,(ईएमएस)। बिहार के नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के राज्यसभा जाने की चर्चा तेज हो गई है। सियासी गलियारों में अटकलें लगाई जा रही हैं कि तेजस्वी खुद विपक्ष के राज्यसभा उम्मीदवार हो सकते हैं। हालांकि, इस बारे में आरेजडी की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है। वहीं दूसरी ओर राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार खड़ा करने के लिए आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने रविवार को एक बैठक बुलाई है। आरजेडी के केंद्रीय संसदीय बोर्ड और राज्य संसदीय बोर्ड की बैठक रविवार को पूर्व सीएम राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर होगी। इस बैठक की अध्यक्षता लालू प्रसाद यादव करेंगे। इसमें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, पार्टी के सभी सांसद, विधायक, एमएलसी और वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। रविवार शाम 7 बजे होने वाली बैठक में आगामी राज्यसभा चुनाव के उम्मीदवार चयन पर मंथन किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले शनिवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के राज्यसभा चुनाव लड़ने की चर्चा तेज रही। हालांकि पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने इससे साफ इनकार किया। कोई भी नेता इस दावे की पुष्टि नहीं कर सके। चर्चाओं में कहा जा रहा है कि तेजस्वी यादव राज्यसभा जा सकते हैं। उनकी विधानसभा सीट राघोपुर से परिवार के किसी अन्य सदस्य को उपचुनाव में लड़ाया जा सकता है। हालांकि, रविवार को आरजेडी की बैठक के बाद ही इस पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। बिहार की पांच राज्यसभा सीटें रिक्त होने जा रही हैं, जिन पर चुनाव की घोषणा हो चुकी है। जो सीटें खाली हो रही हैं उन पर वर्तमान में एनडीए के 3 और आरजेडी के दो सांसद हैं। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के मुताबिक एनडीए की चार सीटों पर जीत पक्की मानी जा रही है। हालांकि, पांचवीं सीट पर जीत के लिए ना तो एनडीए के पास पर्याप्त विधायक हैं और ना ही विपक्षी दलों के महागठबंदन के पास नंबर हैं। अगर आरजेडी या विपक्ष की ओर से राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी उतारा जाता है तो क्रॉस वोटिंग हो सकती है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पहले ही राज्यसभा में विपक्ष से प्रत्याशी उतारने का ऐलान कर चुके हैं। अब लालू यादव ने उम्मीदवार चयन के लिए पार्टी की बैठक बुलाई है। इससे साफ है कि महागठबंधन एनडीए के खिलाफ प्रत्याशी उतारने के पूरे मूड में है। बिहार विधानसभा में अभी आरजेडी के 25 समेत महागठबंधन के कुल 35 विधायक ही हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए कम से कम 41 विधायकों का समर्थन चाहिए। ऐसी स्थिति में लालू-तेजस्वी को अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के 5 और मायावती की बसपा के एक विधायक का समर्थन चाहिए। हालांकि, ओवैसी की पार्टी ने खुद अपना प्रत्याशी उतारने का ऐलान कर आरजेडी से समर्थन मांगा था। शुक्रवार को पटना में तेजस्वी यादव और एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान की सीक्रेट मीटिंग होने की भी बात सामने आई। इसमें दोनों दलों के बीच फिलहाल कोई समझौता नहीं हो पाया है। बता दें बिहार की 5 समेत देश भर की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरु हो गई है। नामांकन का आखिरी दिन 5 मार्च है। 9 मार्च तक नामांकन वापस लिए जा सकते हैं। अगर 5 से ज्यादा उम्मीदवार हुए तो 16 मार्च को मतदान होगा। उसी दिन रिजल्ट भी जारी कर दिया जाएगा। सत्ताधारी गठबंधन की ओर से भी अभी तक किसी भी उम्मीदवार का नाम फाइनल नहीं हुआ है। सिराज/ईएमएस 28फरवरी26 ---------------------------------