राष्ट्रीय
01-Mar-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों मानते हैं कि अगर गाजर और चुकंदर को एक साथ मिलाकर जूस बनाया जाए, तो शरीर को दोगुना फायदा मिलता है। यह जूस पोषण से भरपूर, स्वाद में लाजवाब और सेहत के लिए अमृत के समान माना जाता है। आयुर्वेद के मुताबिक यह रस रक्त धातु को पुष्ट करता है, शरीर में ओज बढ़ाता है और पित्त को संतुलित रखने में मदद करता है। आधुनिक शोध भी इसे ‘नेचुरल ब्लड बूस्टर ड्रिंक’ के रूप में मानते हैं। इसमें मौजूद बीटा-कैरोटीन, फोलेट, नाइट्रेट और एंटीऑक्सिडेंट शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने, खून की गुणवत्ता सुधारने और विटामिन सी के अवशोषण को बढ़ाने में मदद करते हैं। यही कारण है कि यह जूस एनीमिया, थकान और कमजोरी से जूझ रहे लोगों के लिए काफी फायदेमंद होता है। गाजर और चुकंदर का यह संयोजन लिवर को भी डिटॉक्स करने में सहायक है। दोनों सब्जियों में मौजूद पोषक तत्व लिवर की कार्यक्षमता को बढ़ाते हैं और शरीर में जमा टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करते हैं। वहीं, इस जूस में मौजूद विटामिन ए आंखों की रोशनी और त्वचा के स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। चुकंदर के एंटीऑक्सिडेंट त्वचा के रुखेपन को कम करते हैं और चेहरे पर प्राकृतिक ग्लो लाते हैं। यह जूस बालों को पोषण देता है और पूरे शरीर को एनर्जी भी प्रदान करता है। हालांकि, हर व्यक्ति इस जूस को बिना सोच-समझ के नहीं पी सकता। मधुमेह के मरीजों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि गाजर और चुकंदर दोनों ही ब्लड शुगर लेवल बढ़ाने का काम करते हैं। जिन लोगों को किडनी स्टोन यानी पथरी की समस्या है, उन्हें भी इससे बचना चाहिए, क्योंकि चुकंदर में ऑक्सलेट की मात्रा अधिक होती है। इसी तरह गर्भवती महिलाओं और लो बीपी से परेशान लोगों को इसे नियमित रूप से पीने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए। कुल मिलाकर गाजर और चुकंदर का रस स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है, लेकिन शरीर की स्थिति को ध्यान में रखते हुए इसका सेवन करना बेहतर होता है। सर्दियों के मौसम में गाजर और चुकंदर सबसे ज़्यादा मिलने वाली सब्जियां हैं, जिन्हें सलाद से लेकर जूस तक कई तरीकों से खाया जाता है। सुदामा/ईएमएस 01 मार्च 2026