ज़रा हटके
01-Mar-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। पुरुषों को महिलाओं की तुलना में ज्यादा भूख लगती है और वे अधिक खाना खाते हैं। कई लोग इसे सिर्फ गलतफहमी समझते हैं। हैल्थ एक्सपर्टस के अनुसार, यह पूरी तरह वैज्ञानिक तथ्य है। एक वयस्क पुरुष को प्रतिदिन लगभग 2500 कैलोरी की आवश्यकता होती है, जबकि महिलाओं के लिए यह आवश्यकता लगभग 2000 कैलोरी के आसपास रहती है। यह अंतर शरीर की बनावट, हार्मोन्स और मांसपेशियों की संरचना से गहरा जुड़ा हुआ है। डाइटिशियन्स बताते हैं कि पुरुषों और महिलाओं की पोषण संबंधी जरूरतें अलग होती हैं, जिसके पीछे सबसे प्रमुख कारण है मसल मास का अंतर। पुरुषों के शरीर में स्वाभाविक रूप से महिलाओं की तुलना में ज्यादा मांसपेशियां होती हैं। मांसपेशियां उन हिस्सों में से हैं जो आराम के दौरान भी कैलोरी जलाती हैं। जिन व्यक्तियों में मांसपेशियां अधिक होती हैं, उनमें बेसल मेटाबॉलिक रेट (बीएमआर) भी अधिक होता है। यही वह ऊर्जा है, जो शरीर को सामान्य क्रियाओं जैसे सांस लेना, रक्त संचार और तापमान बनाए रखने के लिए जरूरी होती है। इसी कारण पुरुषों का शरीर महिलाओं की तुलना में अधिक एनर्जी खर्च करता है और उन्हें अधिक कैलोरी की जरूरत पड़ती है। हार्मोन भी कैलोरी की जरूरत निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पुरुषों में पाया जाने वाला टेस्टोस्टेरोन हार्मोन मसल ग्रोथ और हड्डियों को मजबूत बनाता है और मेटाबॉलिज्म को तेज करता है। इसके विपरीत महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन अधिक सक्रिय होता है, जो शरीर में फैट स्टोर करने की प्रवृत्ति बढ़ाता है। चूंकि फैट की तुलना में मसल्स अधिक सक्रिय होते हैं, इसलिए पुरुषों का शरीर ऊर्जा को तेजी से उपयोग करता है, जिससे उन्हें अधिक कैलोरी की आवश्यकता पड़ती है। डाइट एक्सपर्ट्स जोर देते हैं कि पुरुषों को भले ही अधिक कैलोरी चाहिए, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि वे कुछ भी और अनियंत्रित मात्रा में खाएं। कैलोरी की गुणवत्ता बेहद मायने रखती है। विशेषज्ञों की सलाह है कि पुरुष संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर आवश्यक कैलोरी सही स्रोतों से प्राप्त करें, ताकि शरीर को ऊर्जा के साथ बेहतर स्वास्थ्य भी मिल सके। पुरुषों को अपनी अतिरिक्त कैलोरी प्रोटीन, हेल्दी फैट्स और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट से लेनी चाहिए। जंक फूड में कैलोरी तो अधिक होती है, लेकिन उसकी गुणवत्ता खराब होती है और इससे विसरल फैट बढ़ने का खतरा होता है, जो हृदय रोगों का प्रमुख कारण बन सकता है। सुदामा/ईएमएस 01 मार्च 2026