विधायक अनुभा मुंजारे के करीबियों के बीच हुई कथित बातचीत का ऑडियो वायरल बालाघाट,(ईएमएस)। बालाघाट विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे के कार्यालय और उनके करीबियों से जुड़ा विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। करीब एक माह पहले विधायक के निज सहायक का ऑडियो वायरल होने के बाद अब एक और कथित ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है और कांग्रेस संगठन के भीतर चल रही गुटबाजी को उजागर कर दिया है। ताजा मामला एक वायरल ऑडियो क्लिप का है, जिसमें कथित रूप से लालबर्रा ब्लॉक किसान कांग्रेस अध्यक्ष मुनेंद्र ठाकरे और अबू शाह नामक व्यक्ति के बीच बातचीत होती सुनाई दे रही है। बताया जा रहा है कि यह बातचीत 28 फरवरी की शाम की है। हालांकि इस वायरल ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह तेजी से वायरल हो रही है और राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार, अबू शाह को विधायक का करीबी माना जाता है और वह किसी समिति में विधायक प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत है। पूर्व में भी विपक्षी दलों, विशेषकर भाजपा नेताओं द्वारा उन पर आरोप लगाए जा चुके हैं। वायरल ऑडियो में बातचीत का लहजा और उसमें उठाए गए विषयों ने संगठनात्मक अनुशासन और समन्वय पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑडियो में स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ-साथ जिले के कुछ प्रमुख नेताओं के नामों का भी उल्लेख किया गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राट सरस्वार और किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष भुरू पटेल के नाम सामने आने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं और तेज हो गई हैं। बातचीत से यह संकेत मिल रहा है कि संगठन के भीतर वर्चस्व की लड़ाई जारी है और अलग-अलग गुट अपनी पकड़ मजबूत करने में लगे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार की घटनाएं सीधे तौर पर विधायक की छवि को प्रभावित करती हैं। जनता के बीच यह संदेश जा रहा है, कि विधायक अपने करीबियों और संगठन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रख पा रही हैं। इससे पहले वायरल हुए ऑडियो प्रकरण में विधायक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्ति को कार्यालयीन कार्यों से मुक्त कर दिया था, लेकिन लगातार सामने आ रहे नए विवादों ने यह संकेत दिया है कि मामला किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। अब सबकी निगाहें विधायक अनुभा मुंजारे की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। क्या इस नए ‘ऑडियो वार’ के बाद संगठन में अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएंगे या फिर यह गुटबाजी आने वाले समय में कांग्रेस के लिए और बड़ी चुनौती साबित होगी? फिलहाल बालाघाट की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर माहौल गरमा गया है। .../ 1 मार्च /2026