क्षेत्रीय
01-Mar-2026
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- 350वें शहीदी वर्ष पर आरएसएस का व्याख्यान जबलपुर, (ईएमएस)। सनातन धर्म की रक्षा हेतु अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले सिखों के नौवें गुरु गुरु तेगबहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष के उपलक्ष्य में संस्कृति थिएटर, कल्चरल स्ट्रीट, भंवरताल, जबलपुर में एक भव्य एवं प्रेरणादायी व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ द्वारा किया गया। कार्यक्रम में नगर के विभिन्न वर्गों, व्यवसायों एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े प्रबुद्धजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर ने अपने ओजस्वी एवं भावपूर्ण उद्बोधन में गुरु तेगबहादुर जी के अद्वितीय त्याग, तपस्या, धैर्य और अप्रतिम साहस का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने कहा कि गुरु तेगबहादुर जी का जीवन केवल एक धार्मिक महापुरुष का जीवन नहीं था, बल्कि वह अन्याय के विरुद्ध निर्भीकता से खड़े होने और सत्य की रक्षा के लिए सर्वस्व अर्पण करने की प्रेरक गाथा है। श्री चक्रधर ने बताया कि गुरु तेगबहादुर , गुरु हरगोविंद के सुपुत्र थे। बाल्यावस्था में उनका नाम त्यागमल था, किंतु मात्र 13 वर्ष की आयु में युद्धभूमि में असाधारण वीरता का परिचय देने पर उन्हें “तेगबहादुर” की उपाधि प्राप्त हुई। यह नाम केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि उनके तेजस्वी व्यक्तित्व और अदम्य साहस की पहचान बन गया—तेग (तलवार) की धार जैसी प्रखरता और बहादुरी का प्रतीक। उन्होंने कहा कि गुरु तेगबहादुर का बलिदान भारतीय इतिहास में धार्मिक स्वतंत्रता, नैतिक साहस और मानवीय गरिमा की अमिट मिसाल है। उनका जीवन हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने, सत्य का साथ देने और समाज में आत्मबल जागृत करने की सतत प्रेरणा देता है। कार्यक्रम में विभाग संघचालक डॉ. कैलाश गुप्ता, प्रांत संघचालक डॉ. प्रदीप दुबे तथा प्रांत प्रचारक ब्रजकांत विशेष रूप से उपस्थित रहे। राष्ट्रगीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। सुनील साहू / शहबाज / 29 फरवरी 2026/ 07.00