02-Mar-2026
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लंदन (ईएमएस)। नवजात शिशु को किस करने की आदत बड़ी जोखिम भरी हो सकती है। ब्रिटेन के जाने-माने डॉक्टर सरमद मेजर ने हाल ही में सोशल मीडिया पर लोगों को आगाह करते हुए कहा कि नवजात शिशुओं को किस करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे एक खतरनाक वायरस उनके शरीर में प्रवेश कर सकता है, जो कई मामलों में जानलेवा साबित होता है। डॉक्टर के अनुसार होंठों पर होने वाले छोटे छाले या दाने, जिन्हें आमतौर पर कोल्ड सोर कहा जाता है, वास्तव में हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस टाइप-1 (एचएसवी-1) की वजह से होते हैं। यह वायरस अत्यधिक संक्रामक है और त्वचा के संपर्क या लार के माध्यम से आसानी से फैलता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह वायरस एक बार शरीर में जाने के बाद पूरी तरह खत्म नहीं होता। इलाज के बाद भी यह नर्व सिस्टम में छिपा रहता है और इम्यूनिटी कमजोर होते ही दोबारा सक्रिय हो सकता है। लोग अक्सर यह सोचकर बेफिक्र हो जाते हैं कि अगर होंठों पर कोई दाना या घाव नहीं है, तो बच्चा सुरक्षित है। लेकिन डॉक्टरों ने एसिम्प्टोमैटिक शेडिंग को लेकर चेतावनी दी है, जिसमें वायरस बिना किसी लक्षण के भी लार या त्वचा में मौजूद रहता है। यानी व्यक्ति को खुद पता नहीं चलता कि वह संक्रमण फैला रहा है। इस स्थिति में भी नवजात के लिए खतरा उतना ही गंभीर होता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि वयस्कों में यह वायरस हल्की समस्या बनकर रह सकता है, लेकिन नवजात शिशुओं की इम्यूनिटी अभी पूरी तरह विकसित नहीं होती। दुनिया की लगभग 60 प्रतिशत आबादी अपने शरीर में यह संक्रमण लिए घूम रही है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति द्वारा बच्चे को किस करना उसे सीधे वायरस के संपर्क में ला सकता है। जब नवजात शिशु एचएसवी-1 से संक्रमित होता है, तो इसे नियोनेटल हर्पीज कहा जाता है। यह संक्रमण तेजी से शरीर में फैल सकता है, दिमाग तक पहुंचकर वायरल मैनिंजाइटिस उत्पन्न कर सकता है और कई महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित कर सकता है। दुर्लभ मामलों में इसकी वजह से बच्चे की जान भी जा सकती है। संक्रमण सिर्फ किस से ही नहीं फैलता बल्कि बच्चे के साथ बर्तन, तौलिया या कपड़े साझा करने और बिना हाथ धोए उसे छूने से भी खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में माता-पिता के लिए जरूरी है कि नवजात को किस करने से खुद भी बचें और दूसरों को भी ऐसा करने से रोकें। बच्चे की चीजें किसी के साथ साझा न करें और जिसे भी उसे छूना हो, उससे पहले हाथ साफ करवाएं। थोड़ी सी सावधानी बच्चे को जीवनभर के खतरे और गंभीर संक्रमण से बचा सकती है। बता दें कि नवजात शिशु को देखते ही उसे दुलारने और प्यार जताने का मन हर किसी का करता है। माता-पिता से लेकर रिश्तेदार तक, लगभग सभी उसे गोद में लेकर गालों या माथे पर किस करने की कोशिश करते हैं। हालांकि यह प्यार का सामान्य तरीका माना जाता है, लेकिन यह नवजान के लिए बेहद जोखिम भरा होता है। सुदामा/ईएमएस 02 मार्च 2026