क्षेत्रीय
03-Mar-2026
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- मानव तस्करी व पॉक्सो पर न्यायिक प्रशिक्षण में बोले मुख्य न्यायाधीश बिलासपुर (ईएमएस)। छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी द्वारा 1 मार्च 2026 को विवेकानंद सभागार में एफटीसी एवं एफटीएससी न्यायालयों के न्यायाधीशों, लोक अभियोजकों, जिला अभियोजन अधिकारियों, मानव तस्करी निरोधक प्रकोष्ठ तथा विवेचना अधिकारियों हेतु विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ। मुख्य न्यायाधीश ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रत्येक प्रकरण एक मानवीय कथा का प्रतिनिधित्व करता है और न्याय प्रणाली से जुड़े सभी हितधारकों की सामूहिक जिम्मेदारी है कि न्याय सत्यनिष्ठा, दक्षता एवं करुणा के साथ प्रदान किया जाए। उन्होंने आपराधिक न्याय प्रणाली को सुदृढ़ करने हेतु ज्ञान, संवेदनशीलता एवं समन्वित संस्थागत प्रयासों पर बल दिया। पॉक्सो अधिनियम के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य बच्चों के विरुद्ध लैंगिक अपराधों की रोकथाम हेतु बाल-मित्र, सशक्त और समयबद्ध तंत्र उपलब्ध कराना है। विवेचना को किसी भी आपराधिक विचारण की आधारशिला बताते हुए साक्ष्य के वैज्ञानिक संकलन, श्रृंखला संरक्षण एवं निष्पक्ष अभिलेखन पर विशेष जोर दिया गया।डिजिटल माध्यमों—ई-साक्ष्य, ई-समन एवं न्याय श्रुति—की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम में विभिन्न न्यायाधीशगण, रजिस्ट्रार जनरल, विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी तथा विशेषज्ञ वक्ता उपस्थित रहे। प्रशिक्षण ने न्यायिक अधिकारियों एवं अभियोजन तंत्र को नई दिशा और संवेदनशील दृष्टिकोण प्रदान किया। मनोज राज 03 मार्च 2026