रायपुर (ईएमएस)। मितानिनो को होली त्यौहार में वेतन के लिये आंदोलन की विवशता को भाजपा सरकार की नाकामी करार देते हुये प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मितानिनो को होली त्यौहार में अपने वेतन भुगतान के लिए आंदोलन करना पड़ रहा हैं, ये बेहद दुर्भाग्यजनक है, ये भाजपा सरकार की तानाशाही हैं, बीते कई माह से मितानिन वेतन भुगतान में देरी को लेकर शिकायत कर रहे तीन-तीन, चार-चार माह बाद उनको एक-दो माह का वेतन दिया जाता हैं, उनसे काम पूरा लिया जाता हैं, ऐसे में उन्हें घर खर्च और अन्य जरूरतों की पूर्ति के लिये कर्ज लेना पड़ता हैं। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि इस सरकार की दुर्भावना के चलते मितानिन बहनों को अपने वेतन के लिये ही बार-बार गिड़गिड़ाना पड़ता हैं। प्रदेश में मितानिन कार्यक्रमों को संचालन करने वाली विकासखंड समन्वयक, मितानिन हेल्पडेस्क फैसिलिटेटर, स्वास्थ्य पंचायत समन्वयक, एरिया कॉडिनेटर एवं मितानिन प्रशिक्षक बेहद आक्रोशित है, सरकार की उपेक्षा से व्यथित मितानिन बहनें बस्तर, सरगुजा, गरियाबंद, महासमुंद, दंतेवाड़ा और कवर्धा सहित छत्तीसगढ़ से कोने-कोने से रायपुर आकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर है। सवाल है कि सरकार में बैठे लोग मितानिनो का समस्या का निराकरण क्यों नहीं कर रहे है? प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मितानिन ज़ब एनएचएम के दफ्तर पहुँचे तो एमड़ी का बर्ताव मितानिनों के साथ ठीक नहीं था, उन्हें जिस प्रकार से एमडी ने पुलिस बुलाने की धमकी दी, ये उचित नहीं। सरकार को एमडी पर कड़ी कार्यवाही करना चाहिए। एनएचएम की जिम्मेदारी हैं कि मितानिनों को समय पर वेतन मिले। वेतन नहीं मिलने से मितानिनो के घरों में होली की खुशियाँ फीकी पड़ गा है। क्या मितानिनों के बच्चों को होली में रंग-गुलाल खरीदने का अधिकार नहीं? मितानिनों को आखिर वेतन के लिए हर बार आंदोलन करना क्यों पड़ता है? सरकार उनसे काम लेकर उनके मेहनताना देने पर पीछे क्यों हटती है सरकार सुनिश्चित करें कि मितानिनों का बकाया वेतन एकमुश्त मिले और हर माह एक निश्चित तारीख को उनके वेतन का भुगतान हो। सत्यप्रकाश/चंद्राकर/03 मार्च 2026