लेख
05-Mar-2026
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(06 मार्च राष्ट्रीय दंत चिकित्सक दिवस) हमारा शरीर एक मशीन की तरह है और हमारे चेहरे की खूबसूरती हमारी मुस्कान से जुड़ी होती है। इस मुस्कान को बनाए रखने और दांतों को बीमारियों से बचाने का पूरा श्रेय हमारे दंत चिकित्सकों यानी डेंटिस्ट को जाता है। हर साल 6 मार्च का दिन विशेष रूप से उन डॉक्टरों को समर्पित है जो बड़ी मेहनत और बारीकी से हमारे दांतों की समस्याओं को ठीक करते हैं। यह दिन केवल डॉक्टरों को शुक्रिया कहने का ही नहीं है, बल्कि यह हमें याद दिलाता है कि हमारे दांतों की सेहत कितनी जरूरी है। अक्सर लोग छोटी-मोटी बीमारियों के लिए तो डॉक्टर के पास चले जाते हैं, लेकिन दांतों के दर्द को मामूली समझकर टाल देते हैं। सच तो यह है कि हमारे पूरे शरीर की सेहत का रास्ता हमारे मुंह से होकर ही जाता है। अगर हमारा मुंह साफ नहीं होगा, तो शरीर का पूरी तरह स्वस्थ रहना बहुत मुश्किल है। पुराने समय से ही दांतों का इलाज करने की परंपरा रही है, लेकिन आज के समय में यह तकनीक बहुत आगे बढ़ चुकी है। एक डेंटिस्ट का काम केवल खराब दांत निकालना या कैविटी भरना ही नहीं होता, बल्कि वे एक इंजीनियर की तरह हमारे जबड़े की बनावट को समझते हैं और एक कलाकार की तरह हमारे चेहरे की मुस्कान को सुंदर बनाते हैं। आज के दौर में बहुत से लोग अपने लुक को बेहतर बनाने के लिए डेंटिस्ट की मदद लेते हैं, जिससे न केवल वे सुंदर दिखते हैं बल्कि उनका सामाजिक आत्मविश्वास भी बढ़ता है। आजकल की बिगड़ती जीवनशैली हमारे दांतों की सबसे बड़ी दुश्मन बन गई है। बाहर का खाना, ज्यादा मीठी चीजें, कोल्ड ड्रिंक्स और तंबाकू का सेवन हमारे दांतों की जड़ों को कमजोर कर रहा है। डेंटिस्ट हमें बार-बार समझाते हैं कि दांतों की ऊपरी परत एक बार खराब हो जाए तो वह कुदरती रूप से दोबारा नहीं बनती। मसूड़ों से खून आना या सांसों की बदबू जैसी समस्याएं केवल शर्मिंदगी ही नहीं लातीं, बल्कि डॉक्टरों का मानना है कि मुंह की गंदगी की वजह से दिल की बीमारियां और शुगर जैसी परेशानियां भी बढ़ सकती हैं। इसलिए डेंटिस्ट को केवल दांतों का डॉक्टर समझना गलत होगा, वे हमारे पूरे शरीर की रक्षा करते हैं। विज्ञान की तरक्की की वजह से अब दांतों का इलाज बहुत आसान और दर्द रहित हो गया है। वह समय चला गया जब लोग डेंटिस्ट के पास जाने से डरते थे। अब ऐसी आधुनिक मशीनें और दवाएं आ गई हैं कि इलाज के दौरान दर्द का पता भी नहीं चलता। बच्चों के लिए तो डेंटिस्ट और भी जरूरी हैं। बचपन में दांतों की सही देखभाल ही आगे चलकर मजबूत और सीधे दांतों की बुनियाद बनती है। विशेषज्ञ बच्चों को खेल-खेल में ब्रश करने का सही तरीका सिखाते हैं, जो पूरी उम्र उनके काम आता है। हमें इस गलतफहमी को भी दूर करना चाहिए कि डेंटिस्ट के पास जाना बहुत महंगा पड़ता है। हकीकत में, अगर हम समय-समय पर अपने दांतों की जांच करवाते रहें, तो बड़ी बीमारियों और महंगे इलाज की नौबत ही नहीं आएगी। दांत भगवान का दिया हुआ वह अनमोल तोहफा हैं जो एक बार चले जाएं, तो दोबारा असली जैसे नहीं मिल सकते। नकली दांत केवल काम चला सकते हैं, पर वे असली दांतों जैसी मजबूती कभी नहीं दे सकते। इसके साथ ही, हमें यह भी समझना होगा कि दांतों की सफेदी से ज्यादा उनकी मजबूती मायने रखती है। कई बार लोग विज्ञापनों के चक्कर में आकर घरेलू नुस्खों से दांत चमकाने की कोशिश करते हैं, जिससे दांतों की सुरक्षा परत घिस जाती है। एक अनुभवी डेंटिस्ट ही आपको सही सलाह दे सकता है कि आपके दांतों के लिए क्या अच्छा है और क्या बुरा। आज के समय में डेंटिस्ट केवल क्लिनिक तक सीमित नहीं हैं, वे स्कूलों और गाँवों में जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। वे हमें सिखाते हैं कि रात को सोने से पहले ब्रश करना सुबह ब्रश करने से भी ज्यादा जरूरी है क्योंकि रात भर की गंदगी ही कीड़े लगने का असली कारण बनती है। एक अच्छी मुस्कान न केवल आपको जवान दिखाती है, बल्कि यह आपके पाचन तंत्र को भी मजबूत रखती है क्योंकि सही ढंग से चबाया हुआ खाना ही शरीर को पोषण देता है। हमें अपने डेंटिस्ट को अपना दोस्त समझना चाहिए और उनसे अपनी समस्याओं पर खुलकर बात करनी चाहिए। याद रखिए, एक छोटी सी लापरवाही भविष्य में बड़ा दर्द दे सकती है। कुल मिलाकर, यह अवसर हमें यह संकल्प लेने का मौका देता है कि हम अपनी मुस्कान की कदर करेंगे। हमें डॉक्टरों की बताई गई बातों को मानना चाहिए, जैसे दिन में दो बार ब्रश करना, सही टूथपेस्ट का इस्तेमाल करना और हर कुछ महीनों में अपना ब्रश बदल देना। अखबारों और मीडिया को भी यह बात घर-घर तक पहुँचानी चाहिए कि अगर दांत स्वस्थ होंगे, तभी देश भी स्वस्थ होगा। आइए, आज के दिन अपने डेंटिस्ट से मिलें, अपनी जांच करवाएं और उन्हें उनकी निस्वार्थ सेवा के लिए धन्यवाद दें। जब आपकी मुस्कान स्वस्थ होगी, तभी आप जीवन का असली आनंद ले पाएंगे और खुलकर हंस पाएंगे। (लेखक पत्रकार हैं) ईएमएस / 05 मार्च 26