राज्य
05-Mar-2026


- अनिश्चितकालीन हड़ताल से चरमरा गया परिवहन सेवा मुंबई, (ईएमएस)। महाराष्ट्र के अलग-अलग ट्रांसपोर्टर संगठनों ने ई-चालान सिस्टम और पुलिस की डिजिटल लूट के खिलाफ़ आक्रामक रुख अपनाया है। महाराष्ट्र ट्रांसपोर्टर्स एक्शन कमेटी (M-TAC) ने 4 मार्च की आधी रात से अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया है। इस अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण मुंबई, ठाणे और पुणे जैसे बड़े शहरों में परिवहन सेवा पूरी तरह से चरमरा गई है। गुरुवार सुबह से ही ठाणे के मुलुंड ज़कात नाका इलाके में तनावपूर्ण माहौल देखा गया। बस मालिक सेवा संघ और दूसरे संगठनों ने हाथों में काले झंडे लेकर अपनी बसें बीच सड़क पर खड़ी कर दीं, जिससे भारी ट्रैफिक जाम हो गया। इस विरोध के कारण मुंबई की ओर जाने वाले हाईवे पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों का एक ज्ञापन पुलिस उपायुक्त प्रशांत कदम को सौंपा है। फिलहाल, नवघर पुलिस ने पूरे इलाके में भारी सुरक्षा तैनात कर दी है। पुणे में भी ई-चालान सिस्टम के खिलाफ़ रिक्शा एसोसिएशन और गुड्स ट्रांसपोर्टर्स की जॉइंट एक्शन कमेटी ने गुरुवार सुबह 11 बजे से पुणे जिलाधिकारी कार्यालय के सामने ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ई-चालान के ज़रिए गैर-कानूनी वसूली रोकने की मांग को लेकर पुणे में दो घंटे तक रिक्शा और पैसेंजर गुड्स ट्रांसपोर्ट पूरी तरह से बंद रहे। * मुंबई के आज़ाद मैदान में महामोर्चा मुंबई के आज़ाद मैदान में करीब 500 से 1000 ट्रांसपोर्ट प्रोफेशनल्स अपनी ताकत दिखाने के लिए इकट्ठा हुए। इस विरोध प्रदर्शन में सिर्फ़ भारी ट्रक ही नहीं, बल्कि स्कूल बसें, प्राइवेट ट्रैवल्स, टेम्पो, टैक्सी और रिक्शा एसोसिएशन भी शामिल थे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एक ही गलती के लिए दिन में कई बार ई-चालान फाड़े जाते हैं। साथ ही, पार्किंग की सुविधा न होने पर भी जुर्माना लगाया जाता है। * सरकारी बैठक बेनतीजा, मुख्यमंत्री के फैसले पर नजर कमेटी ने कहा है कि इस मामले में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक बेनतीजा रही है। सरकार सिर्फ़ ज़ुबानी भरोसा दे रही है। ट्रांसपोर्टर्स ने चेतावनी दी है कि जब तक अधिकृत जीआर जारी नहीं हो जाता, वे पीछे नहीं हटेंगे। अब सबका ध्यान इस बात पर है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस मामले में क्या हल निकालते हैं। अगर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया तो यह आंदोलन और तेज किया जाएगा, ऐसी चेतावनी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई है। * आम आदमी पर इसका असर स्कूल बस एसोसिएशन ने इस हड़ताल में हिस्सा लिया है। इसकी वजह से स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों, खासकर बोर्ड एग्जाम देने वाले स्टूडेंट्स को परेशानी होने की संभावना है। इससे दूध, सब्जी और फ्यूल की सप्लाई पर भी असर पड़ने की संभावना है। यह अगले 48 से 72 घंटों में प्रभावित हो सकता है। टैक्सी और रिक्शा की कमी की वजह से मुंबई-पुणे में कर्मचारियों को आने-जाने में काफी मेहनत करनी पड़ेगी। संजय/संतोष झा- ०५ मार्च/२०२६/ईएमएस