भारत में युद्ध अभ्यास में भाग लेने के बाद लौट रहा था ईरानी आइआरआइएस डेना नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारतीय नौसेना ने कहा है कि उसने ईरानी युद्धपोत आइआरआइएस डेना से आए आपात संदेश के बाद खोज और बचाव अभियान में शामिल होने का फैसला लिया है। यह जहाज श्रीलंका के तट पर अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा दागे गए टारपीडो के हमले के बाद डूब गया। ईरानी युद्धपोत भारत में आयोजित नौसैनिक मिलन अभ्यास में भाग लेने के बाद अपने देश लौट रहा था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय नौसेना ने बयान में कहा कि उसने श्रीलंका द्वारा संचालित बचाव कार्यों को बढ़ाने के लिए एक लंबी दूरी के समुद्री गश्ती विमान के साथ अपने खोज और बचाव प्रयासों को तुरंत शुरू कर दिया है। एक अन्य विमान जिसमें हवा से गिराने योग्य जीवन रक्षक नौकाएं थीं, को भी तत्काल तैनाती के लिए तैयार रखा है। आइएनएस तरंगिनी, जो आसपास के क्षेत्र में कार्यरत था उसको बचाव प्रयासों में सहायता के लिए तैनात किया गया है। भारतीय नौसेना ने कहा कि श्रीलंकाई नौसेना की रिपोर्ट के मुताबिक आइआरआइएस डेना से डिस्ट्रेस काल बुधवार सुबह के शुरुआती घंटों में कोलंबो के समुद्री बचाव समन्वय केंद्रों में प्राप्त हुई। ईरानी जहाज गाले के पश्चिम में 20 समुद्री मील की दूरी पर श्रीलंका की जिम्मेदारी वाले क्षेत्र में था। जानकारी प्राप्त होने पर भारतीय नौसेना ने तुरंत अपने प्रयासों को शुरू किया। एक लंबी दूरी के समुद्री गश्ती विमान के साथ खोज प्रयासों को बढ़ाने का कार्य किया गया। बयान में कहा है कि एक अन्य भारतीय नौसैनिक जहाज आइएनएस इक्षाक भी कोच्चि से खोज प्रयासों को बढ़ाने के लिए रवाना किया गया जो लापता व्यक्तियों की खोज के लिए क्षेत्र में अभी भी तैनात है। नौसेना के मुताबिक खोज और बचाव प्रयासों पर श्रीलंकाई पक्ष के साथ समन्वय जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई में ईरान के महावाणिज्य दूत सईद रजा मोसयेब मोतलाघ ने गुरुवार को कहा था कि हिंद महासागर में ईरानी नौसैनिक जहाज को डुबोने वाली अमेरिकी पनडुब्बी ने कोई पूर्व चेतावनी जारी नहीं की और अचानक हमला कर दिया, जिससे जहाज में विस्फोट हो गया। उन्होंने बताया कि आइरिस डेना नामक जहाज नौसैनिक अभ्यास के लिए भारत आया था और अभ्यास के बाद घर लौट रहा था, तभी उस पर हमला हुआ। उन्होंने कहा कि जब कोई जहाज ऐसे अभ्यासों के लिए आता है तो वह पर्याप्त युद्ध सामग्री नहीं ले जाता। उसके पास जो भी सीमित मात्रा में गोला-बारूद होता है, वह आमतौर पर अभ्यास के दौरान ही इस्तेमाल हो जाता है। अमेरिका-इजरायल के युद्ध को इस्लामी गणराज्य के खिलाफ अन्यायपूर्ण बताया। इस पोत पर एक हेलीकॉप्टर भी था। सिराज/ईएमएस 06मार्च26