- बीमा पंजीयन तारीख बढ़ाने, बिजली-बिल कम करने की मांग राजगढ़(ईएमएस)l गत दिवस भारतीय किसान संघ का 47वां स्थापना दिवस खुजनेर रोड स्थित कृषि उपज मंडी प्रांगण में मनाया गया। जिला अध्यक्ष बद्रीलाल नागर के नेतृत्व में जिलेभर से बड़ी संख्या में किसान मंडी परिसर में एकत्रित हुए। इस अवसर पर आयोजित बैठक में किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर नाराजगी जताते हुए जोरदार नारेबाजी की। बैठक के बाद किसानों ने ट्रैक्टरों पर सवार होकर आक्रोश रैली निकाली। यह रैली कृषि मंडी से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची। कलेक्टर कार्यालय के गेट पर 1 घंटे से किसान ज्ञापन देने के लिए बैठे हुए हैं। किसानों ने कार्यालय के गेट पर सुंदर कांड का पाठ शुरू कर दिया है। ज्ञापन लेने के लिए एसडीएम निधि भारद्वाज, अपर कलेक्टर मौके पर पहुंचे, लेकिन किसानों ने कहा कि जब तक कलेक्टर खुद यहां ज्ञापन देने नहीं आएंगे तब तक हम लोग यहां से नहीं जाएंगे। एसडीएम ने कहा कि कलेक्टर वीसी में हैं, इसलिए वह नहीं आ सकते, लेकिन किसान मानने के लिए तैयार नहीं हुए । किसानों को कलेक्ट्रेट कार्यालय के गेट पर रोक कर उनसे बात कर उन्हें समजाईश भी दी गई, लेकिन किसान नही माने और उन्होंने सुंदरकांड का पाठ शुरू कर दिया । - बिजली बिल और पंप कनेक्शन का मुद्दा इससे पहले किसानों ने बताया कि बिजली के बढ़ते बिलों से किसान और घरेलू उपभोक्ता दोनों परेशान हैं। बिना जानकारी दिए किसानों के पंप कनेक्शन का भार बढ़ा दिया गया है, जिससे बिजली बिल ज्यादा आ रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग द्वारा कोई समाधान नहीं किया गया है। किसानों ने मोहनपुरा-कुंडलिया डैम सिंचाई परियोजना को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण आउटलेट तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है और फसलों को नुकसान हो रहा हैl किसानों का कहना है कि सोयाबीन फसल की राहत राशि तो जारी कर दी गई है, लेकिन अब तक फसल बीमा की राशि किसानों को नहीं मिली है। वहीं फसलों की खरीद के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च निर्धारित की गई है, जिसे बढ़ाकर 30 मार्च किए जाने की मांग की गई है, ताकि अधिक किसान पंजीयन करा सकें। बैठक में जंगली जानवरों से फसलों को हो रहे नुकसान का मुद्दा भी उठाया गया। किसानों का कहना है कि सरकार ने बीमा और मुआवजे की घोषणा की थी, लेकिन आज तक किसी भी किसान को इसका लाभ नहीं मिला है। किसानों ने सरकार से गेहूं की खरीद 2700 रुपए प्रति क्विंटल करने के वादे को पूरा करने की मांग भी उठाई। इसके अलावा सूर्य कुसुम सोलर कृषक योजना के तहत दो वर्ष पहले आवेदन और डीडी जमा कराने के बावजूद अब तक योजना का लाभ नहीं मिलने पर भी किसानों ने नाराजगी जताई। उन्होंने पात्र किसानों को जल्द सोलर पंप उपलब्ध कराने की मांग की।-निखिल/राजगढ़/6/3/2026