06-Mar-2026
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- आस एक सामाजिक संस्थान करेगी सम्मान : - संजय बृजपुरिया देवरी/सागर (ईएमएस) । कहा जाता है कि मां के त्याग,संघर्ष और संस्कार बच्चों के जीवन की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। इस कहावत को तिलक वार्ड शिशु मंदिर के पास तहसील देवरी, जिला सागर निवासी श्रीमती कुंती चौरसिया ने अपने जीवन में साकार कर दिखाया है। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा और संस्कार देकर आज उन्हें शासकीय सेवा में स्थापित किया है, जो पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय बन गया है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2005 में उनके पति स्वर्गीय सुनील (कलू) चौरसिया के असामयिक निधन के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। उस समय बच्चों की उम्र कम थी और परिवार के सामने आर्थिक व सामाजिक चुनौतियां खड़ी हो गई थीं। लेकिन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद श्रीमती कुंती चौरसिया ने साहस और धैर्य का परिचय देते हुए हार नहीं मानी। उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई को ही जीवन का लक्ष्य बना लिया और सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और लगन के साथ उनका पालन-पोषण किया। मां की मेहनत,त्याग और संस्कारों का ही परिणाम है कि आज उनके तीनों बच्चे शासकीय सेवा में कार्यरत होकर समाज की सेवा कर रहे हैं। उनकी बड़ी पुत्री रचना चौरसिया शासकीय शिक्षक के पद पर 2021से कार्यरत हैं। वहीं पुत्र जितेन्द्र चौरसिया भी शासकीय अतिथि शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। और तत्कालीन वर्ग 3 का परीक्षा परिणाम आने पर प्राथमिक शिक्षक के रूप मे चयन हुआ है!सबसे छोटे पुत्र शुभम चौरसिया मध्यप्रदेश पुलिस में आरक्षक के पद पर पदस्थ होकर प्रदेश की सेवा कर रहे हैं। परिवार की इस उपलब्धि को लेकर क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। अभितेंद मिश्रा डब्बी का कहना है कि श्रीमती कुंती चौरसिया का संघर्ष उन सभी माता-पिता के लिए प्रेरणा है,जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने बच्चों को आगे बढ़ाने का सपना देखते हैं। इस अवसर पर समाजसेवी संजय बृजपुरिया ने कहा कि “कुंती चौरसिया जैसी माताएं समाज के लिए आदर्श होती हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने बच्चों को शिक्षित कर समाज के सामने एक मिसाल पेश की है। ऐसे परिवार पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत होते हैं और हमें उनसे सीख लेनी चाहिए।” बृजपुरिया ने बताया कि एक लडकी जिसका नाम उमा दांगी है जिसकी संपूर्ण बीएड की फीस से लेकर व्यवस्था आस एक उम्मीद ने उठाई थी जिसका परिणाम है कि वह आज वर्ग 3 मे प्राथमिक शिक्षक के पद पर चयनित हुई है। वहीं “आस एक उम्मीद सामाजिक संस्थान” ने भी इस प्रेरणादायक उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए श्रीमती कुंती चौरसिया और उनके बच्चों का सम्मान करने की घोषणा की है। संस्थान के पदाधिकारियों ने बताया कि जल्द ही एक कार्यक्रम आयोजित कर इस परिवार को सम्मानित किया जाएगा,ताकि समाज में शिक्षा, संघर्ष और संस्कारों का संदेश और अधिक मजबूती से पहुंच सके!क्षेत्रवासियों ने भी इस उपलब्धि पर पूरे परिवार को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य कामना की है। श्रीमती कुंती चौरसिया का यह संघर्ष और उनके बच्चों की सफलता निश्चित ही आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। निखिल सोधिया/ईएमएस/06/03/2026