क्षेत्रीय
06-Mar-2026
...


बस्ती (ईएमएस)। शुक्रवार को भारत मुक्ति मोर्चा जिलाध्यक्ष राम अवतार पासवान और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग ओ.बी.सी. मोर्चा जिलाध्यक्ष सुनील यादव के नेतृत्व में जिलाधिकारी के प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को 3 सूत्रीय ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में जाति आधारित जनगणना और ओबीसी की जाति आधारित जनगणना के मुद्दे पर ओबीसी के साथ की जा रही धोखाधड़ी, एससी, एसटी, ओबीसी के समर्थन में सख्त यूजीसी बिल लागू करने, 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) से मुक्त करने आदि की मांग शामिल है। ज्ञापन सौंपने के बाद भारत मुक्ति मोर्चा पूर्वान्चल जोन प्रभारी आर.के. आरतियन, बहुजन मुक्ति पार्टी मण्डल अध्यक्ष हृदय गौतम, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य चन्द्रिका प्रसाद कन्नौजिया, भारत मुक्ति मोर्चा महिला विंग जिलाध्यक्ष सरिता भारती ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा कैबिनेट में ओबीसी की जाति आधारित जनगणना का फैसला करने के बावजूद भी जनगणना नोटिफिकेशन में ओबीसी की जातियों का कॉलम नहीं दिया गया है। घोषित करने के बाद भी ओबीसी के जाति के कॉलम को ना दिया जाना ओबीसी के साथ धोखेबाजी है। इसलिए इस साल से होने वाली राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी का एवं जाति का कॉलम बढ़ाया जाए। कहा कि पहले कमजोर यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन बनाना और फिर सुप्रीम कोर्ट में कमजोर पैरवी करके उस पर भी रोक लगवाना एससी-एसटी ओबीसी के साथ धोखेबाजी है। एससी- एसटी ओबीसी के समर्थन में सख्त यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन बनाकर लागू किया जाए। 2011 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) से मुक्त किया जाए। कहा कि मांगो पर शीघ्र एव सकारात्मक निर्णय लिया जाए। यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है, तो भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के द्वारा संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से इस राष्ट्रव्यापी चरणबद्ध जनआंदोलन को और अधिक उग्र एवं व्यापक किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से राम सुमेर यादव, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी ठाकुर प्रेम नन्दवंशी, डा. आर.के. आनन्द, सोनी, सुग्रीव चौधरी, चन्द्रावती देवी, अमरजीत आर्य, दीपक आर्य, हरिहर यादव, सीताराम भारती, भन्ते प्रज्ञानन्द, सुनील कन्नौजिया, भगवानदीन यादव आदि शामिल रहे। .../ 6 मार्च /2026