करीब 24 साल तक मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में की वकालत जबलपुर,(ईएमएस)। जस्टिस धर्माधिकारी को मद्रास हाईकोर्ट का अगला मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की अनुशंसा के बाद गुरुवार (5 फरवरी) को मिनिस्ट्री ऑफ लॉ एंड जस्टिस ने उनकी नियुक्ति का नोटिफिकेशन जारी किया। इसके साथ ही वे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से दूसरे राज्यों में मुख्य न्यायाधीश बनने वाले 17वें न्यायाधीश बन गए हैं। जानकारी अनुसार 8 जुलाई 1966 को रायपुर में जन्मे जस्टिस धर्माधिकारी की नियुक्ति मौजूदा चीफ जस्टिस एमएम श्रीवास्तव के सेवानिवृत्त होने वाले दिन 5 मार्च से प्रभावी मानी जा रही है। जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी ने वर्ष 1992 में अपने विधिक करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने दो दशकों से अधिक समय तक मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में वकालत की। इस दौरान उन्होंने सिविल, क्रिमिनल और संवैधानिक मामलों में पैरवी करते हुए अपनी पहचान बनाई। जज बनने से पहले उन्होंने करीब 24 वर्षों तक मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में अधिवक्ता के रूप में काम किया। अप्रैल 2025 में मिनिस्ट्री ऑफ लॉ एंड जस्टिस ने एक अधिसूचना जारी कर बताया था कि भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद राष्ट्रपति ने आर्टिकल 222 के तहत उनके तबादले को मंजूरी दे दी है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 20 मार्च, 24 मार्च और 3 अप्रैल 2025 को हुई बैठकों में जस्टिस धर्माधिकारी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से केरला हाईकोर्ट स्थानांतरित करने की सिफारिश की थी। अब उन्हें मद्रास हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। कानूनी क्षेत्र में लंबे अनुभव और विभिन्न न्यायिक जिम्मेदारियों के आधार पर उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है।