06-Mar-2026
...


- निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों से जुड़ने का सीधा मौका - विशेषज्ञों द्वारा मानसिक और प्रोफेशनल मार्गदर्शन - मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने की मुख्य मंत्री डॉ मोहन यादव के प्रस्तावित आगमन को लेकर की तैयारियों की समीक्षा सागर (ईएमएस)। मध्य प्रदेश सरकार युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए एक अनूठी पहल करने जा रही है। अब प्रदेश के छात्रों को रोजगार की तलाश, करियर का चुनाव और मानसिक मार्गदर्शन के लिए दर-दर नहीं भटकना होगा। सागर में आयोजित होने जा रहे इस विशेष कार्यक्रम में एक छत के नीचे युवाओं को रोजगार, काउंसिलिंग और करियर गाइडेंस का संगम देखने को मिलेगा। प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने इस भव्य आयोजन की तैयारियों को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आगमन प्रस्तावित है, जिसकी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगार और रोजगार उन्मुख कार्यक्रमों से जोड़ना है। कार्यक्रम में निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की नामी कंपनियां शिरकत करेंगी, जिससे युवाओं को सीधे इंटरव्यू और जॉब ऑफर मिलने का रास्ता साफ होगा। यहां विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन भी मिलेगा। अर्थात केवल नौकरी ही नहीं, बल्कि युवाओं के मानसिक और प्रोफेशनल विकास के लिए विशेषज्ञों द्वारा विशेष काउंसिलिंग सेशन आयोजित किए जाएंगे। फ्यूचर-रेडी स्किल्स: उभरते हुए आधुनिक क्षेत्रों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की बारीकियों से छात्रों को अवगत कराया जाएगा। - प्रशासनिक मुस्तैदी मंत्री श्री राजपूत ने निर्देश दिए कि कार्यक्रम को इस तरह तैयार किया जाए कि हर आने वाले छात्र को उसका लाभ मिले। उन्होंने अधिकारियों को आयोजन स्थल पर युवाओं की सुविधाओं, बैठने की व्यवस्था और कंपनियों के समन्वय को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं। मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश का युवा आत्मनिर्भर बने। यह आयोजन युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने वाला साबित होगा। - भविष्य के उभरते हुए क्षेत्रों जैसे AI, डेटा साइंस, या प्रतियोगी परीक्षाओं की भी मिलेगी जानकारी - कलेक्टर कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने बताया कि वर्तमान समय में तकनीक जिस तेजी से बदल रही है, उसमें केवल पारंपरिक शिक्षा काफी नहीं है; भविष्य की स्किल्स (Future Skills) पर पकड़ बनाना अनिवार्य हो गया है। स्किल डेवलपमेंट से युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही आधुनिक कोर्स की जानकारी मिल सकेगी। जिले के अनुभवी अधिकारियों, मेधावी विद्यार्थियों द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए टिप्स और ट्रिक्स साझा किये जाएंगे। और डिजिटल साक्षरता के साथ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच की डिजिटल खाई को कम करना। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से ऐसे इंजीनियरिंग विद्यार्थियों और अन्य शोध के विद्यार्थियों को भी मौका मिलेगा जो उनके द्वारा किए गए किसी नवाचार या एक्सपेरिमेंट को मॉडल के रूप में प्रदर्शित करना चाहते हैं। निखिल सोधिया/ईएमएस/06/03/2026