07-Mar-2026
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आरोपियो में पति-पत्नि सहित तीन लोग शामिल भोपाल(ईएमएस)। राजधानी की जिला अदालत ने फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी का उपयोग करके प्लॉट बेचने के मामले में भोपाल की अदालत ने तीन आरोपियों को 5-5 साल की सजा सुनाई है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश जयंत शर्मा की कोर्ट ने सुनाते हुए फर्जी पॉवर ऑफ अटार्नी तैयार कर कोहेफिजा का एक प्लाट 43 लाख रुपए में फरियादी शबनम जहां पत्नी डॉक्टर मलिक इस्लाम को बेचने के मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद आरोपी फरनाज साद, उसके पति साद इफ्तेखार उर्फ गोल्डी और आगा मोहममद खान को दोषी करार दिया। कोर्ट ने तीनो आरोपियो को 3 साल के कठोर कारावास और पांच हजार रुपए के जुमार्ने की सजा सुनाई है। प्रकरण में शासन की और से पैरवी अपर लोक अभियोजक अनिल शुक्ला ने की। - यह था मामला जानकारी के अनुसार मामला 26 अप्रैल 2018 से 18 सितंबर 2019 के बीच कोहेफिजा थाना इलाके का है। मामले में फरियादिया शबनम जहां ने अपनी शिकायत में बताया था की उनके पति को आरोपी आगा मोहम्मद खान ने साद इफ्तेखार से मिलवाया था। साद इफ्तेखार की पत्नी फरनाज इफ्तेखार ने पॉवर ऑफ अटार्नी के जरिए एक आवासीय प्लॉट बी-23, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, कोहेफिजा, भोपाल में प्लॉट के पूर्व स्वामी रविन्द्र कुमार अग्रवाल से खरीदा गया। इसे बेचने के लिए शबनम के पति को दिखाया गया था। दस्तावेज मांगे जाने पर प्लॉट के दस्तावेज दिखाए गए। इसके बाद एक अन्य व्यक्ति को प्लॉट के पूर्व स्वामी रविन्द्र कुमार अग्रवाल कहकर मिलवाया गया। इसके बाद 26 अप्रैल 2018 को 43 लाख रुपए लेकर फरनाज इफ्तेखार द्वारा रजिस्ट्री करवाकर प्लॉट उसके नाम बेच दिया। रकम देने के बाद जब वह प्लॉट की फैंसिंग कराने पहुंची, तब वहॉ आये ओमप्रकाश माहेश्वरी ने उनसे प्लॉट पर अपना मालिकाना हक बताते हुए विवाद किया। - थाने पहुचंने पर सामने आया फर्जीवाड़ा खुद को प्लॉट का असली मालिक बताने वाले ओमप्रकाश ने शबनम के खिलाफ कोहेफिजा थाने में शिकायत की। पुलिस ने जॉच के दौरान शबनम को तलब किया यहां ओमप्रकाश माहेश्वरी और उस प्लॉट के पूर्व स्वामी रविन्द्र भी मौजूद थे। तब शबनम को पता चला कि आरोपियों ने उसे किसी अन्य व्यक्ति से मिलवाकर उसे असली प्लॉट मालिक बताया था। इसके बाद उन्होंने आरोपियों से बात की तब आरोपियो ने उनके 43 लाख रुपए वापस देने का वादा किया लेकिन काफी समय बीत जाने पर भी जब आरोपियो ने रकम वापस नहीं की तब परेशान शबनम ने कोहेफिजा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जुनेद / 7 मार्च