- डिजास्टर मैनेजमेंट को नई ताकत - पुलिस को मिलेंगे बॉडी वॉर्न कैमरे - डेटा सेंटर बनाकर राज्य के डेटा को सुरक्षित किया जाएगा - ई-ऑफिस के ज़रिए 100% पेपरलेस करने का लक्ष्य मुंबई, (ईएमएस)। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के प्रशासन को ज़्यादा पारदर्शी, डायनामिक और टेक्नोलॉजी-फ्रेंडली बनाने के लिए गुड गवर्नेंस पर ज़ोर दिया है, और बजट में प्रशासनिक काम में बड़े बदलावों का ऐलान किया है। महायुति सरकार के अब तक 1 लाख 20 हज़ार पदों पर भर्ती पूरी करने के बाद, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ऐलान किया कि और 75 हज़ार खाली पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और साइबर सिक्योरिटी के लिए अलग विभाग और पॉलिसी बनाई जाएंगी। सरकारी काम में आसानी लाने के लिए आपले सरकार 2.0, मैत्री 2.0 और महाडबीटी 2.0 पोर्टल नए सिरे से डेवलप किए जाएंगे। सरकार ने सभी ज़मीन के लेन-देन को कंप्यूटराइज़ करने और ई-ऑफिस के ज़रिए काम को 100 परसेंट पेपरलेस करने का लक्ष्य रखा है। महाराष्ट्र को एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, ड्रोन और डीपटेक के क्षेत्र में ग्लोबल सेंटर बनाने के लिए एक खास पॉलिसी लाई जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी के लिए एक अलग विभाग और आयुक्तालय बनाया जाएगा तथा एक अलग इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कैडर बनाया जाएगा। फडणवीस ने कहा कि प्रॉपर्टी के झगड़ों को रोकने के लिए महाराष्ट्र लैंड ओनरशिप एक्ट लागू किया जाएगा। प्राकृतिक तथा इंसानों की बनाई आपदाओं से निपटने के लिए नागपुर के मिहान में स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट बनाया जाएगा। साथ ही, एनडीआरएफ की तरह राज्य में एसडीआरएफ की चार नई यूनिट तैनात की जाएंगी। इसी तरह, महाराष्ट्र जियोटेक्नोलॉजी एप्लीकेशन सेंटर बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि ट्रैफिक रेगुलेशन और सेफ्टी के लिए इंटेलिजेंस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को बढ़ाया जाएगा। बढ़ते साइबर क्राइम को देखते हुए राज्य की एक अलग साइबर सिक्योरिटी पॉलिसी तैयार की जाएगी। साथ ही, नागपुर में एक स्टेट-ऑफ-द-आर्ट स्टेट डेटा सेंटर बनाकर राज्य के डेटा को सुरक्षित किया जाएगा। पुलिस के काम में पारदर्शिता लाने के लिए, पुलिस को अगले तीन सालों में अलग-अलग चरणों में स्टेट-ऑफ-द-आर्ट बॉडी वॉर्न कैमरे दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि नए आपराधिक कानूनों को अच्छे से लागू करने के लिए सभी जिलों में 100 प्रतिशत डिजिटाइज़ेशन और एडवांस्ड लीगल एड सेंटर बनाए जाएंगे।