पटना (ईएमएस)। बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के डिप्टी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को दिल्ली बुलाया है। रविवार को दोनों नेताओं के बीच बैठक होने वाली है। यह बैठक तब हो रही है, जब राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा जारी हैं। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन के बाद बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव हो सकता है। दरअसल, नीतीश ने हाल ही में पटना में राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया है। इस दौरान केंद्रीय मंत्री शाह भी मौजूद थे। नीतीश ने बताया कि वे अपनी इच्छा से राज्यसभा जा रहे हैं। इसके बाद से ही यह कयास लगाए जा रहे हैं कि राज्यसभा सांसद बनने के बाद वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तब बिहार में नई सरकार का गठन होगा और नए मुख्यमंत्री का चयन होगा। सूत्रों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी ने संभावित मुख्यमंत्री के नामों पर विचार-विमर्श शुरू किया है। फिलहाल सम्राट चौधरी को इस दौड़ में प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। वे वर्तमान में बिहार सरकार में डिप्टी सीएम हैं और गृह विभाग भी संभाल रहे हैं, जो पहले नीतीश कुमार के पास था। इसके अलावा उनका संबंध पिछड़ा वर्ग की कुशवाहा जाति से है, जिससे उन्हें सामाजिक समीकरणों के लिहाज से मजबूत माना जा रहा है। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में एक और नाम केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय का भी चर्चा में है। वे भाजपा के प्रमुख यादव चेहरे माने जाते हैं। हालांकि पार्टी नेतृत्व किसी नए चेहरे को भी सामने ला सकता है, जैसा कि उसने हाल के वर्षों में कई राज्यों में किया है। इधर, जेडीयू की बैठक में महत्वपूर्ण फैसला हुआ है। बैठक में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में आने को लेकर भी सहमति बनी है। इससे राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है। बिहार में राज्यसभा की पाँच सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव होने हैं। अप्रैल में मौजूदा सांसदों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद नए सदस्यों का कार्यकाल शुरू होगा। ऐसे में आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। फिलहाल अमित शाह और सम्राट चौधरी की दिल्ली बैठक को इसी राजनीतिक प्रक्रिया से जोड़कर देखा जा रहा है। आशीष दुबे / 7 मार्च 2026