07-Mar-2026
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:: गोवर्धन गौशाला में कृष्ण जन्म की धूम; आधुनिकता के दौर में गिरते संस्कारों पर जताई चिंता :: इंदौर (ईएमएस)। गोवर्धन गौशाला में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में शनिवार को कृष्ण जन्मोत्सव का पर्व अत्यंत उल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। कथावाचक पं. कमलकिशोर नागर ने इस अवसर पर उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मेहनत से कमाया हुआ धन ही व्यक्ति को सच्चा सुख देता है। पं. नागर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाप से अर्जित धन और गलत तरीके से प्राप्त पद कभी स्थायी नहीं होते। उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि जिस प्रकार पारस से बने आभूषणों में वह दिव्यता और स्थायित्व नहीं रहता, उसी प्रकार अनुचित साधनों से प्राप्त संपत्ति भी लंबे समय तक टिकती नहीं है। उन्होंने कहा, यदि किस्मत या रिश्वत से कुछ मिल भी जाए, तो उसे स्वीकार करने के बजाय मनुष्य को अपने पुरुषार्थ और ईमानदारी की कमाई पर ही विश्वास रखना चाहिए। :: संस्कारों की कमी भविष्य के लिए घातक :: आज के परिवेश पर चिंता जताते हुए पं. नागर ने कहा कि वर्तमान अंधाधुंध आधुनिकता के चलते धर्म और शर्म दोनों को क्षति पहुँच रही है। उन्होंने परिवार व्यवस्था में आ रहे बदलावों को समाज के लिए घातक बताया। उन्होंने कहा कि परिवारों में बड़ों के प्रति आदर भाव और संस्कारों में आ रही कमी आने वाले भविष्य के लिए गंभीर संकट है। सनातन संस्कृति की रक्षा तभी संभव है, जब समाज में मर्यादा का संरक्षण हो। कथा के दौरान कृष्ण जन्मोत्सव की महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि जब भक्त सच्चे मन से भगवान का भजन करता है, तो ईश्वर स्वयं उसके आसपास विद्यमान रहते हैं। कथा में नन्हें बालकों द्वारा कृष्ण रूप धारण करने पर माहौल भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर महेंद्र पटेल, यशवंत पटेल, सरदार सिंह सोलंकी, राधेश्याम पटेल, विनोद सोलंकी और संतोष नीमचा सहित 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने धर्म लाभ प्राप्त किया। प्रकाश/07 मार्च 2026