अलीगढ़ (ईएमसस)। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय संजीव फौजदार की अदालत में चल रहे एक वर्ष पुराने वैवाहिक विवाद का शनिवार को सुखद समाधान हो गया। धारा 9 हिंदू विवाह अधिनियम के अंतर्गत दायर वाद में काउंसलिंग के दौरान पति-पत्नी ने आपसी मतभेद भुलाकर साथ रहने का निर्णय ले लिया। मामले में वादी पति थाना गोद्या क्षेत्र का निवासी है, जबकि विपक्षी पत्नी थाना मडराक क्षेत्र की रहने वाली है। पत्रावली कोर्ट संख्या-4 में काउंसलिंग के लिए प्रस्तुत हुई, जहां पत्नी अपने पुत्र के साथ उपस्थित हुई। काउंसलिंग के दौरान दोनों पक्षों को विस्तार से समझाया गया। काउंसलर योगेश सारस्वत के प्रयासों से दोनों के बीच आपसी सहमति बनी। सकारात्मक संवाद के बाद पति-पत्नी ने साथ रहने का निर्णय लिया। काउंसलिंग के उपरांत वादी पति अपनी पत्नी और पुत्र को अपने साथ ले गया और दोनों ने हंसी-खुशी वैवाहिक जीवन आगे बढ़ाने की सहमति व्यक्त की। लगभग एक वर्ष से लंबित यह मामला काउंसलिंग के माध्यम से सुलझने पर न्यायालय परिसर में संतोष का वातावरण देखा गया। ईएमएस/ धर्मेन्द्र राघव/ 04 अप्रैल 2026