मनोरंजन
08-Mar-2026
...


मुंबई (ईएमएस)। हाल ही में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई फिल्म ‘एक्यूज्ड’ ने दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस फिल्म में अभिनेत्री प्रतिभा रान्ता के अभिनय की काफी तारीफ हो रही है। अपने किरदार की मानसिक जटिलताओं को समझने और उसे प्रभावी ढंग से निभाने के लिए उन्होंने खास तैयारी की, जिसके बारे में उन्होंने विस्तार से बात की। प्रतिभा रांटा ने बताया कि इस भूमिका की तैयारी उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं थी। उन्होंने कहा कि सबसे पहले उन्होंने स्क्रिप्ट को कई बार पढ़ा, ताकि किरदार की सोच, भावनाओं और उसके भीतर चल रहे संघर्ष को गहराई से समझ सकें। उनके अनुसार, जब तक कोई कलाकार अपने किरदार को भीतर से महसूस नहीं करता, तब तक उसका अभिनय पूरी तरह प्रभावी नहीं बन पाता। यही कारण था कि उन्होंने स्क्रिप्ट रीडिंग को अपनी तैयारी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया। उन्होंने यह भी बताया कि फिल्म की निर्देशक अनुभूति कश्यप और सह-अभिनेत्री कोंकना सेन शर्मा के साथ कई वर्कशॉप्स आयोजित की गईं। इन सत्रों में फिल्म के अहम दृश्यों और उनके भावनात्मक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभा के मुताबिक, जब वे तीनों एक साथ बैठकर किसी सीन की बारीकियों पर बात करते थे, तो उस दृश्य से जुड़े कई सवालों के जवाब मिल जाते थे। इससे उन्हें यह समझने में मदद मिली कि कैमरे के सामने किस मानसिक स्थिति में रहकर अभिनय करना है और दृश्य को किस दिशा में आगे बढ़ाना है। प्रतिभा ने आगे बताया कि शूटिंग के दौरान सेट का माहौल काफी सहज और सहयोगपूर्ण था। कई बार कलाकार किसी सीन के दौरान नए प्रयोग भी करते थे। जब अभिनेता अपने किरदार की भावनाओं में पूरी तरह डूब जाता है, तो कई चीजें स्वाभाविक रूप से सामने आने लगती हैं। उनके मुताबिक, इम्प्रोवाइजेशन के जरिए कई दृश्य और ज्यादा प्रभावी बन गए। कुछ पल ऐसे भी आए, जब दृश्य इतने वास्तविक लगे जैसे वे किसी की असली जिंदगी का हिस्सा हों। फिल्म ‘एक्यूज्ड’ की कहानी एक ऐसी महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जिस पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगता है। यह विषय बेहद संवेदनशील है और समाज में कई तरह की बहस को जन्म देता है। फिल्म आरोप, सच्चाई और भावनाओं के टकराव को गंभीरता से दिखाती है। इसमें कोंकणा सेन शर्मा और प्रतिभा रांटा मुख्य भूमिकाओं में नजर आती हैं। प्रतिभा रांटा का कहना है कि यह किरदार उनके लिए इसलिए भी खास था क्योंकि इसमें भावनाओं की कई परतें हैं। कभी यह पात्र मजबूत दिखाई देता है, तो कभी टूटता हुआ नजर आता है। इस तरह की भूमिका निभाने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना जरूरी होता है। उन्होंने बताया कि स्क्रिप्ट रीडिंग और वर्कशॉप्स ने उन्हें अपने किरदार की गहराई को समझने में सबसे ज्यादा मदद की। फिल्म ‘एक्यूज्ड’ फिलहाल ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफलीक्स पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है। बता दें कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर इन दिनों ऐसी कहानियों को दर्शकों से ज्यादा सराहना मिल रही है, जो समाज के संवेदनशील और जटिल मुद्दों को ईमानदारी से सामने लाती हैं। सुदामा/ईएमएस 08 मार्च 2026