राष्ट्रीय
08-Mar-2026


* दो सगे भाइयों सहित 6 आरोपी नामजद, भाड़े के बैंक खातों के जरिए 6 राज्यों में फैला था ठगी का नेटवर्क बनासकांठा (ईएमएस)| उत्तर गुजरात के वाव में साइबर क्राइम का बड़ा खुलासा हुआ है। वाव पुलिस ने ‘ऑपरेशन म्यूल अकाउंट’ के तहत कार्रवाई करते हुए करीब 2.99 करोड़ रुपये से अधिक के साइबर फ्रॉड का भंडाफोड़ किया है। जांच में सामने आया है कि यह रकम देश के अलग-अलग राज्यों में लोगों से ठगी कर भाड़े के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि वाव तालुका के देथली गांव के कुछ लोगों ने यह बड़ा नेटवर्क खड़ा किया था। इस गिरोह के मुख्य सूत्रधार दो सगे भाई हसमुख रावल और गौतम रावल बताए जा रहे हैं। दोनों आरोपी अन्य लोगों के बैंक खातों को किराए या कमीशन पर लेते थे। ऐसे खातों को ‘म्यूल अकाउंट’ कहा जाता है, जिनका इस्तेमाल साइबर फ्रॉड की रकम छिपाने और उसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने तमिलनाडु, दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ समेत छह राज्यों में बड़े पैमाने पर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दिया। लोगों को नौकरी, निवेश और अन्य आकर्षक ऑफर का लालच देकर उनसे पैसे ठगे जाते थे। ठगी की रकम पहले भाड़े के बैंक खातों में जमा कराई जाती और फिर नेट बैंकिंग के जरिए अन्य खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी। कुछ रकम नकद निकाली जाती थी, जबकि कुछ पैसे क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेश भेज दिए जाते थे। यह पूरा मामला इंडियन साइबर कोऑर्डिनेशन सेंटर द्वारा विकसित ‘समन्वय पोर्टल’ के डेटा विश्लेषण से सामने आया। पोर्टल पर वाव क्षेत्र के कुछ बैंक खातों को संदिग्ध चिह्नित किया गया था, जिसके बाद वाव पुलिस ने गहन जांच कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया। जांच में हसमुख रावल और गौतम रावल के अलावा अतुल लुहार, हरसेंग चौधरी, हितेश रावल और विपुल रावल के नाम भी सामने आए हैं। इन सभी के बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड की रकम के लेन-देन के लिए किया जा रहा था। वाव पुलिस ने बताया कि देशभर में चल रहे कई साइबर अपराध इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस ने छह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। यह नेटवर्क कब से सक्रिय था, इसमें और कितने लोग शामिल हैं तथा कितने अन्य बैंक खातों का उपयोग किया गया है, इसकी गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता है और आगे भी कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे अपने बैंक खाते किसी को भी किराए पर न दें। यदि आपके बैंक खाते में कोई संदिग्ध लेन-देन दिखाई दे तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें। सतीश/08 मार्च