राज्य
10-Mar-2026
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- कवर्धा के चूहा घोटाले पर नेता प्रतिपक्ष ने लगाया स्थगन प्रस्ताव - कांग्रेस विधायक वेल में उतरे, स्वेच्छा निलंबन रायपुर (ईएमएस)। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में धान भंडारण और कथित चूहों द्वारा धान खाए जाने का मामला जोर-शोर से उठा, जिससे सदन हंगामे की चपेट में आ गया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कवर्धा जिले में कथित रूप से 62 करोड़ रुपये के धान चूहों द्वारा खाए जाने का हवाला देते हुए स्थगन प्रस्ताव पेश किया और गहन जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यह गंभीर मामला है, जिसकी स्वतंत्र जांच जरूरी है। कांग्रेस विधायक राघवेंद्र ने सदन में अवैध धान और धान को भूसा बताकर बेचने के आरोप लगाए। विधायक उमेश पटेल ने व्यंग्यपूर्ण अंदाज में कहा कि यह “मुसवा” (चूहा) इतना बड़ा कैसे हो गया, कहां से आता है और कहां बैठता है—कहीं यह मंत्रालय में तो नहीं? उन्होंने तंज कसा कि इस “मुसवा” को भी न्याय मिलना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार की धान नीति पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि नीति बदलने से प्रदेश को करीब 4,600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, लेकिन सरकार को इसकी कोई चिंता नहीं। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में “मुसवा” इतना प्रभावशाली हो गया है कि धान तक खा जा रहा है और जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में 25 लाख किसानों से धान खरीदी की गई और कुल 149 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन हुआ। किसानों को करीब 46,277 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ किसानों के हितों की चिंता करने वाला देश का पहला राज्य है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि फिलहाल 67 हजार टन धान संग्रहण केंद्रों में सुरक्षित है और चूहों द्वारा धान खाए जाने की बात पूरी तरह गलत है। कवर्धा मामले में 78 लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। राइस मिलों के पास धान शेष नहीं है और चावल जमा करने की प्रक्रिया चल रही है। विपक्ष मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ और स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा की मांग पर अड़ा रहा। सभापति ने प्रस्ताव को अग्राह्य घोषित कर दिया। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने जोरदार नारेबाजी की और सदन के गर्भगृह (वेल) में उतर आए। हंगामा बढ़ने पर कांग्रेस के सभी विधायक स्वेच्छा से निलंबित हो गए। सत्यप्रकाश/चंद्राकर/10 मार्च 2026