ब्यावरा(ईएमएस)l नगर और आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार को शीतला सप्तमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर के विभिन्न शीतला माता मंदिरों सहित अन्य मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। विशेष रूप से महिलाओं ने बड़ी संख्या में पहुंचकर माता शीतला की पूजा-अर्चना की और पारंपरिक रूप से बासोड़े का भोग अर्पित किया। श्रद्धालु सुबह तड़के से ही मंदिरों में पहुंचने लगे थे। महिलाओं ने माता शीतला को शीतल जल चढ़ाया और बासोड़े का भोग लगाकर परिवार की सुख-समृद्धि तथा संतानों की लंबी आयु की कामना की। यह पर्व शीतला माता को प्रसन्न करने और रोगों से मुक्ति पाने की कामना के साथ मनाया जाता है। शहर के मातामंड मोहल्ला स्थित माता शीतला मंदिर में इस वर्ष विशेष उत्साह देखा गया। यहां करीब 10 हजार से अधिक महिलाओं ने पूजा-अर्चना की। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने के कारण दर्शन के लिए पंक्तिबद्ध व्यवस्था की गई। भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया था। मंदिर के पुजारी कन्हैया लाल नाथ ने बताया कि यहां वर्षों से शीतला सप्तमी के दिन माता शीतला को बासोड़े का भोग लगाने की परंपरा चली आ रही है। उन्होंने कहा कि ब्यावरा नगर में माता शीतला का यह मंदिर विशेष आस्था का केंद्र है, जहां हर वर्ष हजारों महिलाएं पूजा करने पहुंचती हैं। पुजारी ने प्रशासन से मंदिर के आसपास का अतिक्रमण हटवाने की भी मांग की, ताकि महिलाओं को असुविधा न हो। पूजा करने पहुंचीं श्रद्धालु भारती शर्मा और अनीता सोनी ने बताया कि वे वर्षों से इस परंपरा के अनुसार शीतला सप्तमी का व्रत और पूजन करती आ रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वे हर वर्ष दुर्गा वाहिनी की कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर मंदिर में व्यवस्थाएं संभालने का कार्य करती हैं। मान्यता है कि शीतला सप्तमी के दिन व्रत रखकर माता शीतला की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और संतान को लंबी आयु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।-निखिल/ब्यावरा/10/3/2026