क्षेत्रीय
10-Mar-2026
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- नशे में धुत्त मंडी इंस्पेक्टर की अभ्रदता से नाराज व्यापारियों ने की मंडी बंद, भडक़े किसान लगाया चक्काजाम गुना (ईएमएस)। जिला मुख्यालय स्थित कृषि उपज मंडी में मंगलवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब एक मंडी इंस्पेक्टर की कथित शराबखोरी और तानाशाही के कारण नीलामी प्रक्रिया ठप हो गई। घंटों तक मंडी बंद रहने से आक्रोशित किसानों ने नेशनल हाईवे (एबी रोड) पर चक्काजाम कर दिया। करीब आधे घंटे तक सडक़ के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिसे बाद में कैंट पुलिस ने मौके पर पहुंचकर और किसानों को समझा-बुझाकर खुलवाया। विवाद की जड़, 5700 की बोली, 5400 की पर्ची पूरी घटना सरसों की डाक (नीलामी) के दौरान शुरू हुई। प्रत्यक्षदर्शी किसानों और व्यापारियों के अनुसार, ड्यूटी पर तैनात मंडी निरीक्षक राजकुमार शर्मा शराब के नशे में बुरी तरह धुत्त थे। नीलामी के दौरान एक किसान की सरसों की ऊंची बोली 5700 रुपये प्रति क्विंटल लगी थी, लेकिन नशे में धुत इंस्पेक्टर ने जानबूझकर या गलती से पर्ची पर मात्र 5400 रुपये दर्ज कर दिए। जब किसान ने इस 300 के अंतर का विरोध किया, तो इंस्पेक्टर अभद्रता पर उतर आया। ताज्जुब की बात यह रही कि खरीदार व्यापारी भी 5700 रुपये में फसल लेने को तैयार था, लेकिन इंस्पेक्टर पर्ची सुधारने और हस्ताक्षर करने पर अड़ गया। व्यापारियों का बहिष्कार और किसानों का आक्रोश इंस्पेक्टर द्वारा व्यापारियों के साथ भी बदतमीजी की गई, जिससे नाराज होकर व्यापारियों ने डाक का बहिष्कार कर दिया और मंडी बंद करा दी। सुबह 7 बजे से अपनी उपज लेकर आए किसान घंटों तक बिना नीलामी के परेशान होते रहे। किसान राम सिंह रघुवंशी और गिर्राज यादव ने बताया कि मंडी प्रशासन की लापरवाही के कारण उन्हें दो-दो बार ट्रैक्टर का भाड़ा देना पड़ रहा है। कई किसानों के घर में शादियां हैं और वे अपनी उपज बेचकर पैसों का इंतजाम करने आए थे, लेकिन मंडी कर्मचारियों की मनमानी ने उन्हें सडक़ पर उतरने को मजबूर कर दिया। मंडी सचिव बोले, दोषी इंस्पेक्टर पर होगी कड़ी कार्रवाई इस गंभीर मामले पर मंडी सचिव आरपी सिंह ने स्वीकार किया कि प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा के कारण विवाद की स्थिति बनी है। उन्होंने कहा राजकुमार शर्मा पहले भी विवादित रहे हैं। किसानों ने उनके शराब के नशे में होने की शिकायत की है, जिसकी डॉक्टरी जांच कराई जाएगी। मौके का पंचनामा तैयार कर लिया गया है और वरिष्ठ कार्यालय को कार्रवाई हेतु रिपोर्ट भेजी जा रही है। हमारी प्राथमिकता मंडी की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना है ताकि सीजन के समय किसानों को कोई असुविधा न हो। मंडी सचिव ने व्यापारियों से चर्चा कर दोबारा डाक शुरू करवाई और आश्वासन दिया कि स्टाफ की कमी को लेकर भी शासन को अवगत कराया गया है। फिलहाल, विवादित इंस्पेक्टर को ड्यूटी से हटाकर जांच शुरू कर दी गई है। सीताराम नाटानी