राज्य
10-Mar-2026
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:: मुख्यमंत्री और वरिष्ठ मंत्रियों ने की सहभागिता :: ओंकारेश्वर/इंदौर (ईएमएस)। नर्मदा तट ओंकारेश्वर में मंगलवार को आध्यात्मिकता का विहंगम दृश्य देखने को मिला, जब परम तपस्वी अवधूत सिद्ध महायोगी दादा गुरु जी के संकल्प से संपन्न हुई चौथी नर्मदा सेवा परिक्रमा का भक्तिमय वातावरण में भव्य समापन हुआ। यह परिक्रमा न केवल एक धार्मिक यात्रा थी, बल्कि प्रकृति और माँ नर्मदा के प्रति दादा गुरु जी के गहरे प्रेम एवं समर्पण का जीवंत प्रमाण थी। दादा गुरु जी पिछले कई वर्षों से केवल माँ नर्मदा के जल पर निर्भर रहकर कठोर साधना कर रहे हैं। ओंकारेश्वर में परिक्रमा के समापन पर उन्होंने माँ नर्मदा के संरक्षण और विश्व कल्याण के लिए अपनी सूक्ष्म ऊर्जा समर्पित की। इस वर्ष की नर्मदा सेवा परिक्रमा में इंदौर और उज्जैन संभाग सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। आयोजन समिति के अनुसार, परिक्रमा के अंतिम तीन दिनों में प्रतिदिन 70,000 से अधिक श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा। परिक्रमा के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद सिंह पटेल और विश्वास सारंग ने ओंकारेश्वर पहुंचकर दादा गुरु जी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गजानन आश्रम से ममलेश्वर मंदिर तक निकली कलश यात्रा में दादा गुरु जी के साथ पदयात्रा करते हुए सम्मिलित हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी परिक्रमाएं समाज को धर्म और पर्यावरण से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दादा गुरु जी की साधना को अद्वितीय बताते हुए उनके नर्मदा और प्रकृति के प्रति समर्पण को प्रेरणादायक कहा। वहीं, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने अपनी पुत्री प्रतिज्ञा द्वारा परिक्रमा पूर्ण किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की और दादा गुरु जी के सान्निध्य में प्राप्त शांति को आत्मिक आनंद का अनुभव बताया। समापन के क्षणों में दादा गुरु जी के सान्निध्य में भगवान ममलेश्वर की आरती के दौरान पूरा वातावरण हर-हर नर्मदे के जयकारों से गूंज उठा। प्रकाश/10 मार्च 2026